टेरर फंडिंग का बड़ा खुलासा, 3 साथी मऊ से गिरफ्तार

गोरखपुर: पिछले कई दिनों से बढ़ रहे जुर्म के मामले एक के बाद के एक मुद्दे सामने आ रहे है वजही हाल ही में टेरर फंडिंग मामले में वांछित चल रहे हामिद अशरफ के तीन साथियों को आरपीएफ ने मऊ में गिरफ्तार कर लिया है. वहीं यह भी कहा जा रहा है कि आरपीएफ, सीआईबी व बस्ती पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में तीनों पकड़े हैं. 8 दिसंबर को आरपीएफ गोंडा ने इनके विरुद्ध कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था तभी से तीनों फरार चल रहे थे. गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम अमित कुमार गुप्ता  निवासी मझवारा थाना घोसी जिला मऊ,  इंदरा थाना कोपागंज निवासी नंद कुमार गुप्ता, यही के नदवा सराय थाना घोसी निवासी अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इनके पास से तीन लैपटॉप 5 मोबाइल 261 तत्काल टिकट बरामद किए गए हैं. जिसकी कीमत 721635 लाख आंकी गई है. ई-टिकटिंग के जरिये टेरर फंडिंग का मुख्य आरोपी हामिद अशरफ कप्तानगंज थाना क्षेत्र के रमवापुर कला का निवासी है. रोजी रोटी चलाने के लिए हामिद के पिता जमीरुल हसन उर्फ लल्ला चूड़ी का काम करते थे, मगर पिछले 10 वर्ष में चूड़ी व्यवसायी यह परिवार शून्य से शिखर पर पहुंच गया.

वहीं इस बात पर गौर फ़रमाया गया है कि हामिद का पालन पोषण सामान्य परिस्थितियों में हुआ. इसके पिता जमीरुल हसन चूड़ी की दुकानदारी से परिवार का पेट भरने में मुश्किलें देखकर पटरा बल्ली की दुकान खोल कर शटरिंग का काम करने लगे. जंहा इस काम में ही वह जुटे रहते थे. मगर पिछले तीन वर्ष से वे सब कुछ छोड़ जमीन खरीदने में जुट गए. वहीं यह भी पता चला है कि परिवार की माली हालत ठीक न होने के कारण हामिद पुरानी बस्ती स्थित अपनी ननिहाल चला गया. यहीं से उसने पढ़ाई लिखाई की.

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