कोरोना महामारी ने छीना कई लोगों का रोजगार, सेलफोन की हजारों दुकानों पर लगे ताले

कोरोना महामारी ने छीना कई लोगों का रोजगार, सेलफोन की हजारों दुकानों पर लगे ताले

कोरोना महामारी के कारण देश के प्रत्येक वर्ग को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है वही महामारी और उसके पश्चात् घोषित लॉकडाउन ने मोबाइल हैंडसेट के खुदरा बाजार को बुरी प्रकार प्रभावित किया है। माहों तक व्यापर बंद रहा तथा ई-कॉमर्स कंपनियां ग्राहकों को लुभाने के लिए आकर्षक पेशकश लाती रहीं, जिससे बीते एक वर्ष में हैंडसेट की हजारों दुकानें हमेशा के लिए बंद हो गई हैं। बाजार का विश्लेषण करने वाले प्लेटफॉर्म प्रेडिक्टिव्यू से प्राप्त हुए आंकड़ों के अनुसार, देश में साल 2020 के आरम्भ से मोबाइल हैंडसेट की लगभग 8 फीसदी दुकानें पूरी तरह बंद हो गई हैं। 

वही इस के चलते सबसे अधिक दबाव उत्तर भारतीय बाजार पर रहा, जो देश के सभी चार क्षेत्रों में सबसे बड़ा बाजार है। प्रेडिक्टिव्यू के विश्लेषकों के अनुसार, उत्तरी क्षेत्र में लगभग 10 फीसदी दुकानें बंद हो गईं। सामान्य रूप से उत्तरी क्षेत्र का कुल बिक्री में 35 फीसदी योगदान होता है। कुल मोबाइल बिक्री में लगभग 30 फीसदी भागेदारी वाले पश्चिमी हिस्से में 9 फीसदी दुकानें बंद हो गईं। तथा दक्षिण भारत में तकरीबन छह फीसदी दुकानें बंद हुई हैं। 

पूर्वी क्षेत्र मोबाइल फोन बिक्री के लिहाज से सबसे छोटा है लेकिन वहां भी तीन फीसदी दुकानों पर ताले लग गए हैं। प्रेडिक्टिव्यू दुकान मालिकों की खुदरा खरीद की सख्या, डिजिटल रुझानों, ग्राहक वरीयता तथा मीडिया खर्च का सूक्ष्म स्तर पर तात्कालिक विश्लेषण करती है। यह अपनी ऐप्लिकेशन के माध्यम से सीधे खुदरा विक्रेताओं से जानकारी जुटाती है। ऐप्लिकेशन का उपयोग खुदरा विक्रेता अकाउटिंग तथा परिचालन में करते हैं। 

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