विराट कोहली ने किया बड़ा खुलासा, कहा- 'बल्लेबाजी का स्टांस उनकी थी सबसे बड़ी समस्या'

आज को संसार का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज माना जाता है पर एक वक्त ऐसा भी था जब इंग्लैंड में नाकामयाबी के बाद उनकी खिल्ली उड़ायी जाती थी. ये वो दौर था जब विराट तेज गेंदबाजों के विरूद्ध रन बनाने के लिए प्रयत्न किया करते थे व जेम्स एंडरसन जैसे गेंदबाज अक्सर उन पर हावी हो जाया करते थे. फिर आकस्मित ऐसा क्या हुआ कि उनकी बल्लेबाजी आम से खास बन गयी व देखते ही देखते विराट क्रिकेट की संसार के क्रिकेट सम्राट बन गए? आखिरकार विराट ने खुद इस राज से पर्दा हटा दिया व अपने खुलासे में बताया कि बल्लेबाजी का स्टांस उनकी सबसे बड़ी समस्या हुआ करता था. जैसे ही उन्होनें अपना स्टांस बदला वैसे ही उनकी पूरी संसार बदल गई. स्टांस बदलने के बाद विराट बहुत ज्यादा आक्रामक हो गए व गेंदबाजों पर इस तरह से हावी होकर खेलने लगे जैसे कि सामने वाला गेंदबाज एक लोकल खिलाड़ी हो, न कि एक इंटरनेशनल क्रिकेटर. इंटरनेशनल क्रिकेट में अपना दबदबा बना चुके विराट ने बांग्लादेश के बल्लेबाज तमीम इकबाल के साथ वार्ता के दौरान अपनी बल्लेबाजी की कमियों के बारे में बात की.

इकबाल के साथ चर्चा करते हुए विराट ने बताया कि कैसे वो अपने स्टांस की वजह से मैदान के चारों तरफ शॉट नहीं लगा पाते थे व हवाई शॉट लगाना तो जैसे नामुमकिन सा लगता था. जब विराट अपनी बल्लेबाजी से नाखुश रहने लगे तो उन्हें एहसास हुआ कि बल्लेबाजी में जल्द ही बदलाव लाना होगा नहीं तो वो बहुत जल्दी टीम इंडिया से बाहर हो जाएंगे. ऐसे में उन्होनें ठान लिया कि जिस भी वस्तु से उनकी बैटिंग में सुधार आएगा वो हर उस वस्तु को अपनाएंगे व धीरे-धीरे ही ठीक पर अपनी बल्लेबाजी को जरूर चमकाएंगे.

विराट का यही संकल्प आगे चलकर उनके बहुत कार्य आया क्योंकि अपनी शुरूआती विफलता के बाद दिल्ली के इस बल्लेबाज ने अपना स्टांस बदल लिया व इसके बाद आज तक विराट को कोई भी गेंदबाज मैदान पर रोक नहीं पाया है. इस परिवर्तन के बारे में विराट ने इकबाल को बताया, 'मैं मैदान के चारो ओर शॉट खेलना चाहता था व मुझे ऐसा लग रहा था जैसे कि स्टेटिक स्टांस से मेरे पास गेंद को मारने के विकल्प कम बच रहे थे. जिससे मुझे लगा कि मेरे स्टाइल के हिसाब से ये कार्य नहीं कर रहा है लेकिन बहुत लोगों के लिए ये कार्य करता है. जैसे कि सचिन पाजी स्टेटिक स्टांस से ही खेलते थे क्योंकि हैंड-आई कोर्डिनेशन बहुत अच्छा था. इसलिए मैंने थोड़ी-थोड़ी चीजें समय-समय पर बदलीं व टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया करता गया. ' भारतीय कैप्टन ने आगे कहा, 'इस स्टांस को सिर्फ नेट ही नहीं बल्कि अंतराष्ट्रीय मैच में भी धीरे-धीरे लाया. क्योंकि सिर्फ नेट में परिवर्तन करने से नहीं चलेगा जब तक आप मैच की कंडीशन में अपने परिवर्तन का आकलन नहीं करेंगे, तब तक आपको पता नहीं चलेगा. इस तरह मैच में टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया करने के बाद मुझे इसके उपर विश्वास आया व मैं अपने स्टांस को बदलने में सफल रहा. '

दुती चंद का बड़ा बयान, कहा- 'वार्म-अप में लगेगा समय...'

जानिए आखिर क्यों इस पाकिस्तानी खिलाड़ी ने पीसीबी के WHATS APP ग्रुप से किया लेफ्ट

आखिर क्यों नहीं कर पाएंगे रोहित और रहाणे क्रिकेट की प्रैक्टिस

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -