तो ऐसे की थी अपहरण कर्ता ने दीप्ति की किडनैपिंग की प्लानिंग

Feb 16 2016 03:06 PM
तो ऐसे की थी अपहरण कर्ता ने दीप्ति की किडनैपिंग की प्लानिंग

गाजियाबाद : गाजियाबाद की रहने वाली स्नैपडील की इंजीनियर दीप्ति के किडनैपिंग की गुत्थी सुलझती दिख रही है। इस मामले में एकतरफा प्यार को परवान देने वाले देवेंद्र को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। साथ ही पुलिस ने 4 अन्य को भी गिरफ्तार किया है।

इस संबंध में पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि अपहरण से पहले अपराधी ने दीप्ति की 150 बार रेकी कर चुका था। लेकिन दीप्ति का कहना है कि उसने अपहरण से पहले कभी भी आरोपियों को नहीं देखा है। पुलिस के सामने आरोपी ने कबूल किया कि वो हिटलर, चंगेज खान और बॉलीवुड मूवी डर के शाहरुख खान से प्रेरित था।

गाजियाबाद के एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने पूरे मामले की जानकारी दी और बताया कति पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए जल्दी केस को सुलझाया। दीप्ति का अपहरण 10 फरवरी को वैशाली मेट्रो स्टेशन से हुआ था। इसके दो दिन वो पानीपत से मिली थी। अपहरण कर्ताओं ने दीप्ति को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया।

अपहरण के लिए देवेंद्र ने 8 से 10 माह पहले ही प्लानिंग की थी। आरोपी ने डर फिल्म 1000 बार देखी। उसने अपने दोस्तों को बताया था कि लड़की हवाला का काम करती है और उसका अपहरण करने से उसे करोड़ो रुपए मिलेंगे। आठ से दस महीने लड़की की रेकी करने के बाद देवेंद्र ने पाया कि लड़की वैशाली में मेट्रो से उतरने के बाद ऑटो में बैठकर घर जाती थी।

इसलिए देवेंद्र ने दो ऑटो खरीदे। उसने अपने एक मित्र को बहलाकर ऑटो चलाने के लिए राजी कर लिया। अपने मित्र से देवेंद्र ने कहा कि कुछ व्‍यापार किया जाए और पैसे कमाए जाएं। उसका मित्र तैयार हो गया। इस दौरान देवेंद्र लगातार यही फिराक में रहता था कि किसी प्रकार दीप्ति उसके ऑटो में बैठे। लेकिन दीप्ति उसी ऑटों में बैठती थी जिसमें जिसमें पहले से कुछ लड़कियां बैठी हो।

देवेंद्र ने एक बार दीप्ति को उसके घर तक भी छोड़ा था। लेकिन दीप्ति पर उसने अपना इरादा कभी जाहिर नहीं होने दिया। देवेंद्र ने अपने साथियों को समझा रखा था कि वे लड़की को छुएंगे तो वह उन्‍हें थप्पड़ मारेगा. अपहरण के दौरान जब दीप्ति को कमरे में रखा गया था तब भी उसके खाने-पीने का विशेष ध्‍यान रखा जा रहा था।

देवेंद्र हमेशा अपने साथियों को बोलते रहता था कि मैडम को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। देवेंद्र का एक साथी पुलिस की मूवमेंट पर नजर रख रहा था। जब इन लोगों को लगा कि पुलिस कि रेड बढ़ रही है तो इन्होंने दीप्ति को छोड़ दिया।