हस्तक्षेप नहीं होता तो वापस भेज देते इन्हें

नई दिल्ली :  उबेर के को-फाउंडर और चीफ एग्जिक्युटिव ट्रैविस कलानिक भले ही भारत आ गये हो लेकिन यदि उनके मामले में उच्च स्तरीय हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो संभवतः उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जाता, उपर से उन्हें पचड़े में अलग पड़ना पड़ता। बताया गया है कि कलानिक बगैर उपयुक्त वीजा के ही भारत आ गये थे और इसके बाद उन्हें परेशानी में आना पड़ गया।

हालांकि बाद में उच्च स्तरीय हस्तक्षेप किया गया, तब जाकर कहीं उन्हें परेशानी से मुक्ति मिल सकी। बताया जाता है कि कलानिक जानबुझकर वीजा लाना भूले नहीं थे, गलती से उनका वीजा लाना रह गया था। गौरतलब है कि कलानिक को स्टार्ट अप इंडिया कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिये बीजिंग से भारत आना था। जानकारी के अनुसार उनके वीजा मामले में गृह सचिव और आईबी के निदेशक को हस्तक्षेप करना पड़ा था।

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