डोपिंग मुद्दे में फसने वाला यह फुटबॉलर आज है अपने गृहनगर का नायक

एक वर्ष पहले डोपिंग मुद्दे में फंसे भारतीय फुटबॉलर राना घरामी अब कोरोना वायरस महामारी के दौरान जरूरतमंदों की मदद करके अपने गृहनगर में नायक बन गए हैं. ओडिशा एफसी के पूर्व डिफेंडर पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से हैं.पिछले वर्ष अप्रैल में राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी ने उन्हें अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया था. प्रतिबंधित दवा के सेवन का यह भारतीय सुपर लीग फुटबॉल में पहला मुद्दा था. छह महीने बाद उन्होंने वापसी की. उन्होंने कहा, ''यह भयावह अतीत था व मैं मानसिक तौर पर बहुत ज्यादा परेशान रहा. मैं अब उसे याद नहीं करना चाहता. मैने उस समय फोन उठाने भी बंद कर दिये थे.''

कोरोना महामारी के दौरान गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों व रिक्शा चालकों की तकलीफों से दुखी घरामी ने अपने बचपन के क्लब गरलगाचा जूनियर स्पोर्टिंग से सम्पर्क किया व राहत वितरण शिविर लगाया. पहले चरण में उन्होंने 150 पैकेट बांटे. उन्होंने कहा, ''दूसरे चरण में मैने अपने दोस्तों से सम्पर्क किया व 100 लोगों की व मदद की.'' उन्होंने परिवारों को टोकन बांटे व अपने पैकेट आकर लेने को बोला जिसमें चावल, दाल, ऑयल , सब्जियां , साबुन व सेनिटाइजर्स थे. वहीं, भारतीय सुपर लीग (आईएसएल) क्लब ओडिशा एफसी ने कोरोना वावायरस महामारी संकट के विरूद्ध जारी लड़ाई में अपना सहयोग देते हुए ओडिशा के सीएम कोविड-19 राहत फंड में अपना सहयोग देने की घोषणा की है.

जीएमएस के निर्माणकर्ता व मुख्य कार्यकारी ऑफिसर अनिल शर्मा ने कहा, "पूरे दुनिया के लिए इस समय बहुत ही भयावह स्थिति है. ऐसे में सीएम नवीन पटनायक के नेतृत्व ने प्रदेश के लोगों की सुरक्षा के लिए शानदार कार्य किया है." उन्होंने कहा, " ओडिशा को अपना घर मानते हुए ओडिशा एफसी को गर्व है. ओडिशा एफसी सीएम राहत फंड में इस उम्मीद के साथ दान कर रहा है कि इससे लोगों को मदद मिलेगी व उनका ज़िंदगी बेहतरीन है. 

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