यहाँ 20 घंटे से भी ज्यादा समय तक मुसलमानो को रखना पड़ता है रोज़ा

May 18 2018 08:40 AM
यहाँ 20 घंटे से भी ज्यादा समय तक मुसलमानो को रखना पड़ता है रोज़ा

इन दिनों रमज़ान का महीना शुरू हो चुका हैं. रमज़ान का महीना सबसे पवित्र महीना कहा जाता है, इस दौरान मुसलमान एक महीने का रोज़ा रखते है और उस दौरान वह कुछ नहीं खाते. रमज़ान में मुसलमान केवल सूरज निकलने से पहले सेहरी करते हैं और सूरज के अस्त होने पर अपना रोज़ा इफ्तार करते है . दुनिया में कई देश है जहाँ पर अलग-अलग तरह से मुसलमान रोज़े रखते हैं अब उन्ही में से एक देश ऐसा है जहाँ पर लोग केवल बीस घंटे रोज़ा रखते हैं. जी हाँ, केवल बीस घंटे और उस देश का नाम है नार्वे. नार्वे में हर दिन सूरज डूबने का इंतज़ार करने में ही तारीख बदल जाती है, और सूरज अपनी जगह से हिलता ही नहीं है. नर्वे में सूरज कुल 20 घंटों तक वैसा का वैसा ही रहता है और इसी वजह से यहाँ पर मुसलमानो को 20 घंटों तक का रोजा रखना ही पड़ता है. नार्वे में मस्जिदों में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं जो सुबह पांच बजे यह एलान करते है कि रोज़ा रखने का वक्त शुरू हो चुका है और उसके बाद जब सूरज ढलता है तो यह भी लाउडस्पीकर ही बताता है कि इफ्तार का समय हो चुका हैं.

नार्वे में मुसलमानों को बहुत लम्बा इंतज़ार करना होता है क्योंकि यहाँ हर दिन सूरज करीब बीस घंटे तक सर पर रहता है और उसी वजह से उस दौरान मुसलमानो को बिना खाए-पिए रहना पड़ता है. आप सभी को पता ही होगा कि इस्लाम के अनुसार रमज़ान के पाक महीने में सच्चे मुसलमान को दिन के वक्त उपवास रखने और रात के वक्त इबादत करने को अल्लाह ने कहा है इसी वजह से नार्वे में लोगों को 20 घंटे से अधिक रोज़ा रखना पड़ता है केवल सूरज की वजह से. बाद में जब मुसलमानों को बचे हुए 2-3 घंटे का समय मिलता है वह उस दौरान अपने अगले दिन के रोज़े की तैयारी में लग जाते हैं. नार्वे की स्थिति ऐसी है कि वहां मात्र दो या तीन घंटे के लिए ही सूरज अस्त होता है और गर्मी खूब है. अब केवल यही दुआ है कि नार्वे में मुसलमानो का त्यौहार अच्छे से मन जाए.

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