शतरंज में एक मूलभूत सिद्धांत होता है : विश्वनाथन आनंद

Sep 22 2015 03:53 PM
शतरंज में एक मूलभूत सिद्धांत होता है : विश्वनाथन आनंद

मुंबई : भारत के महान और दिग्गज शतरंज खिलाडी विश्वनाथन आनंद का कहना है कि मेरे द्वारा चली गई बाजी अधिक महत्व रखती है। दिग्गज शतरंज खिलाडी विश्वनाथन आनंद के अनुसार शतरंज में एक मूलभूत सिद्धांत होता है। लेकिन इससे अधिक प्रभाव नहीं पड़ता है कि सच्चाई क्या है, फर्क इससे पडता है कि आप खेल के दौरान क्या चाल चलते हैं। आपके अनुभव के अनुसार जो चाल चली है उसका लाभ कुछ घंटो में मिल ही जाता है।  

दिग्गज शतरंज खिलाडी विश्वनाथन आनंद कहते है की चाल चलने से पहले या बाद में आपने जो कुछ किया उससे कोई फर्क नहीं पडता। चाल चलने के बाद आप कुछ भी सोचो उससे कोई फर्क नहो पड़ता है, लेकिन थोड़े टाइम के बाद पता चलता है की कहा गलती हुई है। और इस बात को जानने वाले आप से ज्यादा कोई नहीं नहीं जान सकता। 45 वर्षीय ग्रैंडमास्टर आनंद ने कहा कि उनके खेल में टीमवर्क का काफी महत्व होता है। 

दिग्गज शतरंज खिलाडी विश्वनाथन आनंद ने कहा कि 'एक टीम की सबसे महत्वपूर्ण कुशलता इस बात में है कि खिलाडी को कैसे सहज रखा जाए और उसे कैसे सहज माहौल दिया जाए। मैं ऎसे लोगों के साथ काम करना पसंद करता हूं, जिनके साथ मैं सहज रह सकूं, ऎसा ही मैं अपनी टीम से अपेक्षा रखता हूं।'