माँ की मेहनत रंग लाई,बेटी को मिली मेरिट

सीहोर: कोशिश करने वालो की हार नहीं होती इसका एक उदहारण पेश किया है सीहोर की छात्रा कविता यादव ने और उनकी माँ भगवती बाई ने बतादे की कविता के पिता रामचरण यादव 2010 में चल बसे थे 

पिता रामचरण यादव के गुजरने के बाद कविता की माँ भगवती बाई ने गरीबी से लड़ते हुए कविता और अपने दूसरे बच्चों का न केवल पालन पोषण किया बल्कि उनकी पढ़ाई के साथ अन्य जरूरतों को भी पूरा किया

कविता यादव सीहोर के पुराना बस स्टेंड की निवासी है और 12 वी की छात्रा भी उनके घर का माहौल जब खशी से भर गया जब उन्हें पता चला की वह पूरे प्रदेश में मेरिट लिस्ट में आई है।बतादे की भगवती बाई दूसरों के घर झाडू पोछा व घरों में काम करके अपने बच्चो को पालती है बॉयोलाजी की छात्रा कविता ने 500 नंबर में 473 अंक प्रात किए।

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -