देश में चला प्रतिमाओं को तोड़ने का चलन

लखनऊ : इन दिनों  नेताओं की प्रतिमाओं को तोड़ने का चलन चल रहा है. ये सिलसिला त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओ द्वारा शुरू किया गया. उन्होंने लेलिन की मूर्ति को धराशयी किया था. इसके बाद तो देश में मूर्ति तोड़े जाने का प्रचलन सा चल निकला जिसमे बाबा साहेब अंबेडकर, महात्मा गाँधी, जवाहर लाल नेहरू, पेरियार श्यामा प्रसाद मुखर्जी और भी कई लोगों की मूर्तियों का अपमान शामिल है. इसमें भी सबसे ज्यादा  अपमान अंबेडकर की मूर्ति को ही सहना पड़ा. उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद, सिद्धार्थनगर, हाथरस, आजमगढ़ में अंबेडकर की प्रतिमा में तोड़फोड़ की घटना सामने आयी. 


आगरा पुलिस सुप्रिटेंडेंट सुशील घुले ने कहा, “बदमाशों ने बीआर अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया है. लोगों ने यह देखा और पुलिस को सूचना दी. मामलों में एक एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस बदमाशों की तलाश में जुट गई है.” मामले को संज्ञान में लेते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वाले बदमाशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

सीएम ने प्रसिद्ध हस्तियों की प्रतिमाओं की सुरक्षा को लेकर सभी जिले के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं. हालांकि इसके बाद भी प्रतिमाओं के तोड़फोड़ की घटनाएं जारी हैं. इसी सिलसिले में तमिलनाडु के वेल्लोर में पेरियार की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया गया और उसके बाद कोलकाता के कालीघाट में जन संघ के फाउंडर श्यामा प्रसाध मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोती गई थी वारदाते फ़िलहाल भी जारी है. 

 

बंगाल में अब नेहरू की मूर्ति को निशाना बनाया

बाबा साहेब के बदले नाम से नाराज बीजेपी

अंबेडकर के नाम परिवर्तन पर उनके पोते ने क्या कहा ?

 

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -