प्लेन से उतारा विकलांग लड़की को हर्जाने में स्पाइसजेट देगा 10 लाख रुपये

नई दिल्ली : विकलांगो को आज भी उनका सही अधिकार नहीं मिल पाता है यह कहना है सुप्रीम कोर्ट का जिसने 2012 में एक निःशक्त कार्यकर्ता को विमान से नीचे उतारने के मामले में ये दलील दी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने स्पाइस जेट को दो माह में दस लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश भी दिया है।

यहाँ सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिकी किताब 'NO PITY' का जिक्र भी किया है, जिसमें कहा गया है कि 'Non disabled Americans don't understand disable ones', (वह अमेरिकन जो निःशक्त नहीं है, किसी निःशक्त व्यक्ति की समस्या को नहीं समझ सकता।) और कोर्ट ने कहा यह बात पूरी दुनिया पर लागू होती है। 

मामला यह था की 19 फरवरी 2012 को डिसेबल और एक्टीविस्ट जीजा घोष कोलकाता से गोवा एक कांफ्रेंस में हिस्सा लेने जा रही थीं, वे स्पाइस जेट के विमान में सवार हुईं लेकिन उड़ान भरने से पहले उन्हें विमान से उतार दिया गया. बाद में उन्हें पता चला कि कैप्टन ने डिसेबल होने की वजह से उन्हें विमान से उतारने के निर्देश दिए थे. इसकी वजह से वे कांफ्रेंस में भाग नहीं ले पाईं और उन्हें मानसिक रूप से पीड़ा हुई।

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