भूटान के राजा ने दिया रानी को यह वचन

भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक अपनी पत्नी पेमा वांगचुक और बेटे के साथ चार दिवसीय भारत दौरे पर आये हैं. मंगलवार को भारत पहुंचे इस शाही जोड़े का स्वागत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने किया. बुधवार को वांगचुक सुषमा स्वराज से औपचारिक मुलाकात करेंगे, उसके बाद वह राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से भी मिलेंगे.

भूटान के इस शाही जोड़े की प्रेम कहानी भी अक्सर चर्चा में रहती है. दरअसल पेमा का परिवार कोई शाही परिवार नहीं था,वह साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनकी शादी के समय वांगचुक ने कहा था कि हर कोई एक रानी को लेकर बहुत कुछ सोचता है, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर वह मानते हैं कि एक रानी को सबसे पहले एक अच्छा इंसान होना चाहिए. वांगचुक ने कहा कि रानी पेमा साफ दिल इंसान हैं और उनके दयालु स्वभाव के कारण वह एक बहुत अच्छी रानी साबित होंगी और प्रजा का ख्याल रखेंगी.

दोनों की शादी 3 अक्टूबर 2011 को हुई. हालांकि भूटान में बहुविवाह पर रोक नहीं है, लेकिन वांगचुक ने पेमा को वचन दिया है कि वह कभी भी दूसरी शादी नहीं करेंगे और सारा जीवन अपनी रानी के साथ ही रहेंगे. राजा और रानी की शादी के चार साल बाद दोनों को एक बेटा हुआ, जिसका नाम जिग्मे नामग्येल वांगचुक रखा गया. 

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