द ग्रेट खली जन्मदिन विशेष : गरीबी की वजह से पढ़ाई छोड़ पत्थर तोड़ने को मजबूर हुए थे खली

'द ग्रेट खली' नाम से आज देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनियाँ वाफिक है। लेकिन बहोत काम लोग जानते होंगे की खली का बचपन इतनी गरीबी में बिता कि उन्हें पढ़ाई छोड़ पत्थर तोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। आज उनके जन्म दिन पर हम आपको उनके जीवन से जुड़े कुछ ऐसे ही अनजान तथ्यों पर रौशनी डालते है। 

- खली का जन्‍म 27 अगस्त,1972 में हिमाचल प्रदेश के धिरियाना गाँव के एक पंजाबी हिन्दू राजपूत परिवार में हुआ था। उनका असली नाम दलीप सिंह राणा है। 

- खली के पिता का नाम ज्वाला रमा और माँ का नाम तांडी देवी है।

- खली की लंबाई 7 फीट एक इंच और वजन 157 किग्रा है। जब भी देश में 56 इंच के सीने से जुड़ा कोई भाषण दिया जाता है तो खली को जरूर याद किया जाता है। लेकिन उनका सीना 56 इंची नहीं, बल्कि 63 इंची है।

- खली का बचपन बेहद गरीबी में बिता था। उन्हें गरीबी की वजह से बहुत छोटी उम्र में ही पढ़ाई छोड़ कर पत्थर तोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा 

- खली का परिवार एक बहुत गरीब परिवार था जिसमें उनके पिता को अपने सात बच्चों का पेट भरना बड़ा मुश्किल था। उन्हें गरीबी की वजह से पढ़ाई छोड़ कर पत्थर तोड़ने को मजबूर होना पड़ा था। 

- उन्हें 1979 में फ़ीस नहीं भर पाने के कारन स्कूल से निकाल दिया गया। दरअसल उस साल बारिश नहीं होने से फसल सूख गई थी और उनके पिताजी फीस नहीं भर पाए थे। 

- खली ने 'रोड परियोजना' के लिए पत्थर तोड़ने का काम भी कर चुके है। 

- खली की कद काठी देख कर पंजाब  पुलिस के एक ऑफिसर ने उन्हें  पंजाब आकर पुलिस में भर्ती होने का प्रस्ताव दिया। 

- 1993 में उन्होंने पंजाब पुलिस में नौकरी ज्वाइन कर ली। यहाँ पर उनकी रेसलिंग की ट्रेनिंग शुरू हो गई। 

- खली ने सन 2000 में अमेरिका के आल प्रो रेसलिंग (APW) से अपना रेसलिंग करियर शुरू किया था और उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। 


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