इसलिए भगवान शिव धारण करते है बाघ की खाल

इसलिए भगवान शिव धारण करते है बाघ की खाल

देवों के देव महादेव के विषय में सभी जानते है इनके विषय में शास्त्रों और पुराणों में बहुत सी जानकारियाँ दी गई है, जो हमें भगवान् शिव की महिमा के विषय में बताते है. भगवान् शिव की समस्त वेश भूषा के विषय में कोई न कोई कथा अवश्य है आज हम आपको एक ऐसी ही कथा बताने जा रहे है जो भगवान् शिव के एक रहस्य से पर्दा उठाएगा. क्या आप जानते है की भगवान् शिव बाघ की खाल क्यों धारण करते है और उसी पर क्यों बैठते है और बाघ की खाल से भगवान् शिव का क्या सम्बन्ध है हमारे इस सवाल का जवाब हमें शिव पुराण में मिलता है.

शिव पुराण के अनुसार भगवान् शिव जब ब्रम्हाण्ड का भ्रमण कर रहे थे अपने भ्रमण के दौरान वह एक जंगल में पहुँच गए उस जंगल के बहुत से ऋषि मुनि अपने परिवार के साथ निवास कर रहे थे. भगवान् शंकर प्रारंभ में निवस्त्र रहते थे उनके शरीर पर कोई भी वस्त्र नहीं होता था. जब भगवान् शंकर ऋषि मुनि के निवास स्थान पर पहुंचे तब उनका सुन्दर और सुडोल शरीर देखकर ऋषि मुनि की पत्नियाँ उनकी तरफ आकर्षित होने लगी और अपना समस्त कार्य छोड़कर एकटक भगवान् शिव को निहारने लगी.जब यह बात ऋषियों को पता चली तो वह क्रोध से भर गए ऋषि मुनि भगवान् को एक साधारण सुन्दर पुरुष ही मान रहे थे.

ऋषियों ने भगवान् शंकर को दण्डित करने के उद्देश से उनके मार्ग में एक बड़ा सा गड्ढा खोद दिया जिसमे भगवान् शिव गिर गए. भगवान् शिव के गड्ढे में गिरने की जानकारी जब ऋषियों को लगी तो उन्होंने उस गड्ढे में एक बाघ को भी छोड़ दिया जिससे की वह बाघ भगवान् शिव को मारकर खा जाए.लेकिन इसके पश्चात् जो हुआ उसे देखकर सभी ऋषि मुनि अचंभित हो गए भगवान् शिव में उस बाघ को मारकर और उस बाघ की खाल धारण करके उस गड्ढे से बाहर निकल आये. यह देखकर सभी ऋषि मुनि समझ गए की वह कोई साधारण मनुष्य नहीं हो सकते.तभी से भगवान् शिव बाघ की खाल धारण करते है.

 

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