आतंकियों ने जताया पाकिस्तान के रवैये पर अचरज

Jan 21 2016 10:27 AM
आतंकियों ने जताया पाकिस्तान के रवैये पर अचरज

मुजफ्फराबाद : भारत के खिलाफ अभियान चलाने वाले पाकिस्तान के आतंकी समूहों के प्रमुख द्वारा पाकिस्तान में आतंकियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की निंदा की गई है। इस तरह की कार्रवाई को लेकर कहा गया है कि आतंकी संगठन इस बात को नहीं समझ पा रहे हैं कि पाकिस्तान की सरकार आतंकियों के साथ है या फिर आतंकवादियों के दुश्मनों के साथ है।

हाल ही में इस समूह यूनाइटेड जिहाद काउंसिल के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन ने पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तान द्वारा की गई कार्रवाई और भारत द्वारा बनाए गए दबाव को लेकर कहा है कि पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख के साथ संगठन के दूसरे नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था। 

पाकिस्तान द्वारा इस संगठन से जुड़े कार्यालयों और सेमीनारों को बंद करवा दिया था। सलाहुद्दीन ने समाचार काॅन्फ्रेंस में पाकिसतानी एक्शन का हवाला देते हुए कहा कि वे लोग इस बात को नहीं समझ पा रहे हें कि पाकिस्तानी सरकार उनके साथ है या नहीं। पाकिस्तान केवल उनकी वकालत करता है। बल्कि वह कश्मीर विवाद में लंबे समय से एक पार्टी के तौर पर ही सामना कर रहा है।

कश्मीर मसले पर पाकिस्तानी जनता, सरकार और मीडिया को संरक्षक के तौर पर रहना होगा न कि उसके विपरीत कार्य करना होगा। सलाहुद्दीन की सार्वजनिक टिप्पणी से दोनों परमाणु हथियार संपन्न देशों के मध्य तनाव पैदा होने की प्रबंल संभावना है। दिल्ली द्वारा सदैव से कहा जाता रहा है कि पाकिस्तान देश के साथ शत्रुता रखने वाले समूहों को संरक्षण देता रहा है।

पाक अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद के प्रेस क्लब में सलाहुद्दीन उपस्थितों को संबोधित कर रहा था और इसी भवन के बाहर पुलिस खड़ी थी। उल्लेखनीय है कि आतंकी संगठनों के इस समूह ने यह कहा था कि यदि भारत कश्मीर पर अपना रूख पहले की ही तरह कायम रखता है तो भारत में कई हमले हो सकते हैं। हालांकि पाकिस्तान ने पठानकोट के हमले के बाद आतंकवादियों पर और आतंकी संगठन जैश - ए - मोहम्मद पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही थी।

पाकिस्तान ने इस संगठन से जुड़े मदरसों को प्रतिबंधित करने की बात कही है। मगर अभी पाकिस्तान से और भी कड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। माना जा रहा है कि पाकिस्तान की बाचा खान यूनिवर्सिटी में तालिबानी आतंकियों द्वारा हमला करने के बाद पाकिस्तान आतंकवाद को रोकने के लिए कुछ कदम उठा सकता है और वह भारत के विरूद्ध चलने वाले और तालिबानी आतंक दोनों के ही खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।