'जम्मू-कश्मीर खाली करो, वरना मार डाले जाओगे..', हिन्दुओं को आतंकियों का खुला खत

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक हिन्दुओं और सिखों पर हो रहे हमले अब लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रविवार (17 अक्टूबर) को भी वहाँ दो मजदूरों का क़त्ल किया गया, जिसकी पूरी जिम्मेदारी लश्कर से जुड़े आतंकी समूह यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट (ULF) ने ली और एक पत्र जारी करते हुए धमकाया कि गैर-कश्मीरी घाटी छोड़ दें, वरना उन्हें भी मार डाला जाएगा। बता दें कि रविवार को दो गैर-कश्मीरियों पर गोली चलाकर उनकी हत्या की गई थी, जबकि 1 को जख्मी कर दिया गया था।

आतंकी संगठन द्वारा यह पत्र 17 अक्टूबर को जारी किया गया था। इस पर यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट जम्मू एंड कश्मीर लिखा है और नीचे इस संगठन के प्रवक्ता उमर वानी का नाम और स्टैम्प लगा हुआ है। पत्र में लिखा है, 'अस्सलाम वालेकुम, आज से पहले ‘स्वतंत्रता सेनानियों’ ने तीन गैर स्थानीय हिंदुत्ववादी लोगों को साउथ कश्मीर के कुलगाम के वानपोह इलाके में मार डाला था। पिछले एक साल में हिंदुत्व कट्टरपंथियों ने बिहार में 200 मुस्लिमों की हत्या की है। जैसा कि पहले ही धमकी दी जा चुकी है कि वो लोग हमारी जमीन को छोड़ें वरना परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। ये बदला लेने के लिए की गई स्ट्राइक्स थीं उन अत्याचारों के खिलाफ जो भारतीय सेना मासूम नागरिकों पर करती है।'

पत्र में आगे लिखा गया है कि, 'महज एक सप्ताह में सेना ने हमारे 4 मासूम नागरिक नकली एनकाउंटर्स में शहीद कर दिए। CRPF ने एक गरीब को भी अनंतनाग जिले के कोकरनाग में मार डाला था।' आतंकी संगठन ने पत्र में धमकी देते हुए कहा है, 'हम फिर हर गैर-कश्मीरी को हमारी जमीन छोड़ने के लिए कहते हैं, वरना वो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। यदि सेना ने नागरिकों के खिलाफ जुल्म नहीं खत्म किया हमारे स्वतंत्रता सेना, राजनेताओं और पुलिस के परिवार को निशाना बनाने में बिलकुल नहीं हिचकेंगी।'

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