सेना के आॅपरेशन में आतंकी ढेर, मस्जिदों से हुई पाकिस्तान समर्थित नारेबाजी

Feb 23 2016 01:04 PM
सेना के आॅपरेशन में आतंकी ढेर, मस्जिदों से हुई पाकिस्तान समर्थित नारेबाजी

श्रीनगर : जम्मू - कश्मीर के पंपोर में सेना और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में सेना ने आज तीनों आतंकियों को ढेर कर दिया। हालांकि इस आॅपरेशन में सेना को भी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी। सेना के 2 कैप्टन सहित 5 जवान शहीद हो गए। इस दौरान उस भवन को भी नुकसान पहुंचा जहां आतंकी छिपे थे। इन आतंकियों को लेकर यह कहा गया है कि ये पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर - ए -  तैयबा के थे। सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि जिस समय सेना द्वारा आतंकियों के साथ मुठभेड़ की जा रही थी उस समय वहां की मस्जि़दों से पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी की जा रही थी यही नहीं कश्मीर की स्वतंत्रता को लेकर भी मस्जि़दों से नारेबाजी की गई।

अंग्रेजी समाचार की रिपोर्ट्स में कहा गया कि आसपास के क्षेत्रों में मुजाहिदों के समर्थन में नारेबाजी भी की गई थी। फरेस्टाबल, दरांगबल, कदलाबल और सेमपोरा आदि क्षेत्रों की मस्जिदों को आतंकियों के समर्थन में नारेबाजी भी हुई। यह भी कहा गया कि जागो, जागो सुबह हुई। इस दौरान प्रो पाकिस्तानी नारे भी लगाए गए। जेवी, जेवी पाकिस्तान और प्रो आज़ादी नारे भी लगाए गए। 

उनका कहना था कि हम क्या चाहते हैं। और फिर आज़ादी के नारे सुनाई दिए। इस दौरान बड़ी संख्या में ईडीआई के करीब भी लड़कों का समूह नारेबाजी करने पहुंच गया। सुरक्षा बलों ने काॅम्बैट आॅपरेशन रोकने का प्रयास भी किया। केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के डीजी प्रकाश मिश्रा ने कहा कि पंपोर में दाखिल होने वाले आतंकी लश्कर से जुड़े थे। इस मामले में यह भी कहा गया है कि जमात उत दावा ने भी हमलावरों और लश्कर का समर्थन किया।

सोमवार को आॅपरेशन के दौरान एक ट्विट मिला जिसमें यह कहा गया कि कश्मीरी मुजाहिदीनों ने इंडियन सोल्जर्स को समाप्त कर दिया। मुनीब ने भी इंडियन फोर्सेज़ के विरूद्ध लीव कश्मीर जैसे ट्विट किए। उन्होंने कहा कि कोई भी सिख, कश्मीरी, जाट से भारत की बर्बादी रोक नहीं पाएगा। उल्लेखनीय है कि शनिवार को आतंकियों ने सीआरपीएफ के कानवाॅय पर आॅटोमैटिक हथियारों से फायरिंग भी की।

केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई के दौरान आतंकी भागकर इंटरप्रेन्योर डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के भवन में दाखिल हुए। सीआरपीएफ के जवानों ने भवन में प्रवेश करने का प्रयास किया लेकिन आतंकी भी हैवी फायर करते रहे। दरअसल आतंकी भवन में उपरी मंजिल पर भी पहुंच गए थे जिसके कारण उपर और नीचे के आनुपातिक वेग में गोलीबारी हो रही थी। जिससे सेना को मुश्किल हुई। भवन में करीब 120 लोग मौजूद थे। जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया। सेना ने भवन की उपरी मंजिल भी फायर किया मगर आतंकी वहां से भागने लगे ऐसे में सेना ने मोर्टार से गोले दागे और अपने आप को मजबूत बनाया।