फिर मिला आतंक का पाकिस्तानी निशान

Jan 04 2016 06:07 PM
फिर मिला आतंक का पाकिस्तानी निशान

एक बार फिर पाकिस्तान से सटी भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमा लांघकर भारत के पंजाब प्रांत में दाखिल हुए आतंकियों ने भारत के महत्वपूर्ण स्थल को अपना निशाना बनाया। आतंकी अपने मंसूबों में कामयाब होते इसके पूर्व ही जांबाज रणबांकुरों ने उन्हें ढेर कर दिया पाकिस्तानी आतंकी पठानकोट के एयरबेस स्टेशन को नष्ट कर भारत की मजबूत हवाई स्थिति को प्रभावित करने के प्रयास कर रहे थे लेकिन वे अपने प्रयास में असफल हो गए। हालांकि भारत के हाथ एक बार फिर पाकिस्तान की धरती से भारत में आक्रामक होने वाले आतंकवाद के सबूत लग गए।

दरअसल आतंकियों ने पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से कई बार चर्चा की। यही नहीं इस हमले के दरमियान मोहाली से कुछ संदिग्धों को पकड़ा गया जिनके पास से असलाह और पाकिस्तानी सिम बरामद हुई है। यह बात भी सामने आई है कि इस हमले के जवाबदार आतंकी संगठन का एक आतंकी दिल्ली निकल गया है। ऐसे में दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। मगर यह बात साफ हो गई है कि भारत में आतंकी कार्रवाईयों के तार पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं।

अब तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी भारत को सबूत पेश करने में कोई परेशानी नहीं होगी। मुंबई में हुआ 26/ 11 का आतंकी हमला हो या फिर उधमपुर में सेना के काफिले पर हमला या फिर सियालकोट में थाने पर हमला हो या फिर पठानकोट के एयरबेस स्टेशन का आतंकी हमला आतंकियों के तार पाकिस्तान से जुड़े रहे। हालांकि पाकिस्तान पर अमेरिका ने पहले की अपेक्षा अधिक दबाव बनाया है और उसे आतंक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है लेकिन पाकिस्तान की लचर राजनीतिक व्यवस्था ने वहां के नेताओं को सख्त फैसले लेने से रोक रखा है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के बार - बार कहने के बाद भारत और - पाकिस्तान के संबंधों को बेहतर बनाने के लिए पाकिस्तान का दौरा किया लेकिन अप्रत्यक्षतौर पर आईएसआई और आर्मी अधिशासी देश पाकिस्तान ने वार्ता प्रक्रिया को बाधित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। वार्ता की पहल को एक बार फिर पठानकोट के आतंकी हमले से झटका लगा है। मगर वार्ता को रोकना भारत की ओर बढ़ते इस्लामिक आतंकवाद का स्थायी हल नहीं माना जा सकता है।

भारत और पाकिस्तान के बीच भारत की ओर से कई बार शांति की पहल की गई और संबंधों के बेहतर बनाने के प्रयास किए गए लेकिन हर बार पाकिस्तानी सैनिकों ने इसका उल्लंघन किया है। यही नहीं पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में आतंकी भी पाक रेंजर्स की मदद से दाखिल होते रहे हैं। ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत महसूस की जा रही है।