दस दिन की सजा

दस दिन की सजा

सुनीता चोरी के इल्जाम में कोर्ट गई जहां जज ने सुनीता से पूछा.

जज : क्या तुमने चोरी की।

सुनीता : जी हाँ।

जज : तुमने क्या चुराया ?

सुनीता : इमली का पैकेट।

जज : उसमे कितनी इमली थी।

सुनीता : जज साहब दस।

जज : तुम्हे दस दिन की सजा सुनाई जाती है।

सुनीता का पति : जज साहब इसने एक किलो परमल भी चुराई है।