मिसाल: मंदिर प्रबंधन ने करवाई मस्जिद की मरम्मत

मिसाल: मंदिर प्रबंधन ने करवाई मस्जिद की मरम्मत

नई दिल्ली : एक ओर जहां धर्म के नाम पर कतिपय लोग एक दूसरे से लड़ते रहते है वहीं अयोध्या में सर्वधर्म समभाव की भी मिसाल कायम करने का मामला सामने आया है।

यह वही अयोध्या है जहां राम मंदिर का मसला अभी भी विवादों के घेरे में है। बावजूद इसके यहां के एक मंदिर प्रबंधन ने मंदिर परिसर स्थित मस्जिद की मरम्मत करवाई है। यह मस्जिद हनुमानगढी मंदिर क्षेत्र के कब्जे वाले क्षेत्र में है।

जिस मस्जिद की मरम्मत के लिये हनुमानगढ़ी मंदिर प्रबंधन की ओर से राशि खर्च की गई है, उस मस्जिद का इतिहास पुराना रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मस्जिद को आलमगिरी मस्जिद कहा जाता है और इसका निर्माण 17 वीं सदी में मुगल शासक औरंगजेब के कार्यकाल में करवाया गया था। इतिहासकारों के अनुसार 1765 में शासक शुजाउद्दीन ने मस्जिद की जमीन हनुमानगढ़ी मंदिर को दे दी थी, लेकिन इतिहास गवाह रहा है कि यहां कभी भी मंदिर मस्जिद के नाम पर विवाद खड़ा नहीं हुआ।

मंदिर प्रबंधन के जिम्मेदारों ने बताया कि मस्जिद भले ही मंदिर परिसर की जमीन पर है, लेकिन यहां कभी भी नमाज पर रोक नहीं रही है। बताया गया है कि शासक शुजाउद्दीन ने भी मंदिर को जमीन देते वक्त यह शर्त रखी थी कि यहां आने वाले नमाजियों को नहीं रोका जायेगा, तभी से इस शर्त को कायम रखा गया है।

मस्जिद काफी पुरानी होने के कारण समय के थपेड़ो के चलते जर्जर स्थिति में पहुंच गई थी। मस्जिद की जर्जर स्थिति को देखते हुये अयोध्या के नगर निगम बोर्ड ने यहां आने जाने पर रोक लगा रखी थी। लेकिन नमाज अदा करने वालों की परेशानी को देखते हुये मंदिर प्रबंधन ने बोर्ड से मरम्मत कराने के लिये अनुमति मांगी तो बोर्ड ने भी तुरंत ही अनुमति दे दी। अब मस्जिद की मरम्मत हो गई है और नमाज अदा करने वालों का भी आना-जाना शुरू हो गया है।

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