भक्तों के लिए महाकाल दर्शन का वक्त एक घंटे बढ़ा, कावड़ यात्रियों को नहीं मिलेगा प्रवेश

 उज्जैन: कोरोना के चलते मंदिरों के पट भी बंद थे. हालांकि अब स्तिथि को देखते हुए भक्तों के लिए मंदिर खोल दिए गए है. वहीं महाकाल मंदिर में श्रावण-भादौ मास में भगवान महाकाल की सवारी निकलेगी, लेकिन कावड़ यात्रियों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाने वाला है. प्रदेश के गृह, स्वास्थ्य और उज्जैन के प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्रा की मौजूदगी में मंगलवार शाम हुई आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया है.

वहीं श्रावण मास की व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए प्रभारी मंत्री ने महाकाल दर्शन का वक्त एक घंटे बढ़ाने के निर्देश दे दिए गए हैं. अब भक्तों को शाम 7 बजे तक राजाधिराज के दर्शन होंगे. वर्तमान में सुबह 8 से शाम 6 बजे तक दर्शन व्यवस्था लागू है. इधर, शहर में दाएं-बाएं के नियम से दुकान खोलने के आदेश को भी वापस ले लिया गया है.

जानकारी के लिए बता दें की श्रावण-भादौ मास में भगवान महाकाल की सवारी निकलती है. इस बार भी सात सवारियां निकाली जाएंगी. हालांकि इस बैठक में प्रभारी मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने परंपरा मुताबिक भगवान की सवारी निकलने की बात कही है. वहीं  कोरोना संक्रमण को देखते हुए भीड़ नियंत्रण की दृष्टि से कावड़ यात्रियों को मंदिर में प्रवेश नहीं देने का फैसला लिया गया. इस संबंध में प्रभारी मंत्री ने कहा कि सवारी के स्वरूप व मार्ग का निर्धारण जल्द होगा. इसके लिए बैठक कर मसौदा तैयार किया जाएगा. हालांकि इससे पहले प्रतिवर्ष कावड़ियों को शनिवार, रविवार व सोमवार को छोड़ सप्ताह के शेष चार दिन विशेष द्वार से प्रवेश दिया जाता था. लेकिन इस बार कोरोना के चलते प्रवेश नहीं दिया जाएगा. कावड़ यात्रा दल के पांच सदस्यों को गर्भगृह में जाकर जलाभिषेक की अनुमति दी जाती थी.

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