लक्ष्मी पूजन पर यहाँ रखे जाते हैं 100 करोड़ रूपए

रतलाम। देशभर में धनतेरस और दीपपर्व मनाने की तैयारियां की जा रही हैं। लोग बाजार में जाकर नई वस्तु खरीद चुके हैं, कुछ अन्य लोग शुभ मुहूर्त में खरीदी करने उमड़े हैं। इस बीच कुछ ऐसे लोग भी हैं जो घरों को सजाकर धनतेरस की शाम दीप जगमाने की तैयारी में हैं। लोग आज नए आभूषणों की खरीदी कर रहे हैं। इन आभूषणों की खरीदी कर उनकी चाहत है कि वे धनतेरस पर सोने के आभूषणों की खरीदी व पूजन करने के साथ लक्ष्मी पूजन के दिन भी इन्हें पूजन के अवसर पर भगवान के समीप रखें और उनका पूजन करें।

मगर क्या आप जानते हैं देश में एक ऐसा मंदिर भी है जहां लक्ष्मी पूजन के दिन बड़े पैमाने पर लोग अपने गहने मंदिर में रखते हैं ये आभूषण रातभर मंदिर में ही रखे जाते हैं। लक्ष्मी पूजन के अवसर पर इन आभूषणों का पूजन किया जाता है। इस बार भी मंदिर में पूजन की विशेष तैयारियां की जा रही हैं। यहां पर करीब 100 करोड़ रूपए से अधिक की धनराशि रखी जाती है।

मंदिर में आभूषणों और नकदी आदि की सुरक्षा के लिए कैमरे लगाए गए हैं। पूजन के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाते हैं। यह मंदिर माणकचैक क्षेत्र में है और यह अतिप्राचीन है। कहा तो यह भी जाता है कि महालक्ष्मी जी का यह मंदिर रियासतकालीन है। दीपावली के बाद लोगों को उनके द्वारा पूजन में रखी धनराशि और सोने के आभूषण लौटा दिए जाते हैं।

गौरतलब है कि कुबेर का खजाना मंदिर की छत दीवारों आदि को नोटों और बेशकीमती जवाहरात से पाट दिया जाता हैं और मंदिर में सिर्फ और सिर्फ चारों तरफ नोटों की बन्दरवार और महालक्ष्मी के दरबार में मां की आगामी मूर्ति के आसपास नजर आता हैं।

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