तहसीलदार और पटवारी ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायत उठवाने का बनाया दबाव

नरसिंहपुर से संदीप राजपूत की रिपोर्ट

नरसिंहपुर। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें इन दिनों अधिकारीयों की कार्यप्रणाली में रोड़ा बनी हुई है, अधिकारी सीएम हेल्पलाइन को किसी अवांछनीय बोझ की तरह देख रहे है। पूर्व में भी एक थाना प्रभारी द्वारा शिकायतकर्ता की सीएम हेल्पलाइन की शिकायत जबरन बंद कराये जाने का मामला सामने आया था। अब पुनः एक और मामला प्रकाश में आया है जहां सीएम हेल्पलाइन में अवैध अतिक्रमण से संबंधित शिकायत दर्ज कराने पर तहसीलदार द्वारा शिकायतकर्ता पर अवैधानिक रूप से दबाव बनाने  हेतु प्रयास किए गए।

इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय में एक शिकायत दर्ज कराई गई है, शिकायतकर्ता नरेंद्र श्रीवास्तव द्वारा शिकायत में उल्लेखित किया गया है कि उनके द्वारा पूर्व में सीएम हेल्पलाइन में अवैध अतिक्रमण से संबंधित शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसका निराकरण अभी तक नहीं हो सका है उक्त मामले में तहसीलदार द्वारा नगर के एक पूंजीपति सेठ किशन लाल गुप्ता के समर्थन में एकतरफा आदेश जारी किए गए है। जबकि पूर्व में तहसीलदार महोदय द्वारा उसी सेठ के विरुद्ध में आदेश जारी किए गए थे। 

तहसीलदार के दोनों आदेशों में जमीन आसमान का फर्क है जबकि किशन गुप्ता द्वारा उक्त विवादित भूमि का अब तक नाप नहीं कराया गया है और ना ही संबंधित भूमि के नक्शे इत्यादि संलग्न किए गए है। उक्त मामले में तहसीलदार द्वारा मात्र एक शपथ पत्र को आधार मानकर सेठ किशनलाल गुप्ता के पक्ष में आदेश जारी किया गया है। इससे प्रतीत होता है कि शासकीय भूमि घोटाले में तहसीलदार का अप्रत्यक्ष योगदान है इस संबंध में पटवारी संदीप चौरसिया द्वारा शिकायतकर्ता को फोन किया गया, संदीप चौरसिया के मोबाइल से तहसीलदार महेंद्र पटेल ने शिकायतकर्ता नरेंद्र श्रीवास्तव से सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत उठाने हेतु दबाव बनाया। साथ ही दबाव बनाने के उद्देश्य से नरेंद्र श्रीवास्तव के घर का जबरन नाप कराया गया जब जबकि नरेंद्र श्रीवास्तव का घर उनके नाम पर नहीं बल्कि उनकी माताजी के नाम पर दर्ज है।

हैरत की बात तो यह है कि नरेंद्र श्रीवास्तव के घर का नाप करने पहुंची टीम में तहसीलदार एवं पटवारी के अतिरिक्त उक्त सेठ किशन गुप्ता को भी शामिल किया गया था। तहसीलदार द्वारा की जा रही इस हरकत से स्पष्ट है कि तहसीलदार किशन गुप्ता के लोक, लालच या दबाव में एक तरफा कार्यवाही कर रहे है। शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर से अपील की गई है कि उक्त मामले में संवैधानिक कार्यवाही करें, तहसीलदार द्वारा शिकायतकर्ता के विरुद्ध अपने पद का दुरुपयोग किया जा रहा है, शिकायतकर्ता द्वारा निष्पक्ष कार्यवाही की अपेक्षा की गई है।

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