राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हुआ निर्धारित

नई दिल्ली : सरकार के द्वारा आज यह बात सामने आई है कि वित्त वर्ष 2015-16 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का 3.9 फीसदी राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल कर लिया जाना है. और इसके साथ ही यह भी बता दे कि वेतन आयोग के साथ ही वन रैंक वन पेंशन के दबाव के चलते इसे अगले वित्त वर्ष तक 3.5 फीसदी के लक्ष्य पर कायम रखा जाना है. इस मामले में वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा का यह कहना है कि हम फ़िलहाल राजकोषीय स्थिति को और मजबूत करना चाहते है और इसके लिए हमने अपनी रूपरेखा भी तैयार कर ली है और उस पर ही चल रहे है.

हमे यह विश्वास है कि हम इस वर्ष के लिए तय किये गए लक्ष्य को हासिल कर लेंगे. गौरतलब है कि आज ही संसद में सरकार के द्वारा एक रिपोर्ट भी पेश की गई है जिसमे वित्त वर्ष 2015-16 के लिए आर्थिक वृद्धि के अनुमान को घटाया गया है और इसे 7 से 7.5 फीसदी कर दिया गया है जोकि पहले 8.1 से 8.5 फीसदी पर देखने को मिला था.

सिन्हा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए यह भी कहा है कि जैसे की सरकार की आर्थिक वृद्धि की समीक्षा से यह बात सामने आ रही है कि सरकार का "राजकोषीय निष्पादन" और "आर्थिक निष्पादन" काफी अच्छा रहा है. इसके साथ ही यह बात भी सामने आ रही है कि सार्वजनिक निवेश और निजी उपभोग के कारण आर्थिक वृद्धि में मजबूती देखने को मिल रही है साथ ही निकी क्षेत्र में भी तेजी सामने आ रही है.

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