मंदिरों में मौजूद 2137 किलो सोना पिघलाएगी तमिलनाडु की स्टालिन सरकार, हिन्दुओं ने जताया विरोध

चेन्नई: तमिलनाडु में सीएम एमके स्टालिन की सरकार सूबे के मंदिरों का सोना पिघलाने की तैयारी में हैं। इन्हें पिघला कर 24 कैरेट के गोल्ड बार्स तैयार किए जाएँगे। राज्य सरकार का कहना है कि ये वो गोल्ड है, जो मंदिरों के कब्जे में है और जिनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। सबसे पहले स्टालिन सरकार की नज़र तिरुवरकाडु के श्री कुमारीअम्मन मंदिर, समयपुरम के मरियम्मन मंदिर और ईरुक्कनकुडी के मरियम्मन मंदिर पर है।

स्टालिन सरकार ने कहा है कि गोल्ड को पिघला कर बिस्किट बनाए जाने के बाद उन्हें राष्ट्रीय बैंकों में डिपॉजिट किया जाएगा और उससे जो पैसे आएँगे, उसका उपयोग ‘स्टेट हिन्दू चैरिटेबल एंड रिलीजियस एंडोमेंट्स (HR & CE)’ विभाग द्वारा मंदिरों के विकास में किया जाएगा। सीएम स्टालिन ने बुधवार (13 अक्टूबर, 2021) को ये योजना शुरू की। सरकार का कहना है कि वो भक्तों द्वारा दान में दिए गए केवल उन्हीं सोने के आभूषणों को पिघलाएगी, जिनका बीते 10 वर्षों से उपयोग नहीं हुआ है।

राज्य सरकार ने कहा है कि मंदिरों के गोल्ड को ‘मोनेटाइज’ करने की योजना 1979 में ही आ चुकी थी। बताया गया है कि इसके तहत 9 बड़े मंदिरों में भक्तों द्वारा दान में दिए जाने वाले सोने को पिघलाया जाना है, जिनमें मदुरै का प्राचीन मीनाक्षी सुन्दरीश्वर मंदिर, पलानी का धनदायुथपानी मंदिर, तिरुचेंदूर का श्री सुब्रमण्य स्वामी मंदिर और समापुरम का मरियम्मम मंदिर प्रमुख है। 

 

मद्रास उच्च न्यायालय में तमिलनाडु सरकार ने एक सुनवाई के दौरान कहा कि बीते 44 सालों से ये योजना चली आ रही है। अब तक मंदिरों में रखे 500 किलो गोल्ड को पिघला कर बैंकों में डिपॉजिट किया गया है और इससे राज्य सरकार को ब्याज के रूप में 11 करोड़ रुपए की आमदनी हुई है। सरकार ने अब 2137 किलो सोने को पिघलाने का निर्णय लिया है। इसके खिलाफ अदालत में याचिकाएँ दायर हुई हैं, जिसमे कहा गया है कि ये प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है।

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