तमिलनाडु में उडी कोरोना नियमों की धज्जियां, जल्लीकट्टू उत्सव में 1 की मौत 80 लोग घायल

चेन्नई: तमिलनाडु में जल्लीकट्टू उत्सव (Jallikattu Festival) के दौरान इस बार जो कुछ हुआ वह सभी को हैरान कर गया। जी दरअसल इस बार इस त्यौहार के दौरान एक 18 साल के युवक की मौत हो गई। आप सभी को बता दें कि यहाँ मदुरै (Madurai) में जल्लीकट्टू प्रतियोगिता के दौरान भड़के बैल ने 18 साल के दर्शक को सींग से मार डाला। वहीं पोंगल के दौरान बैल को कंट्रोल करने के इस लोकप्रिय खेल में प्रतियोगियों और बैल मालिकों समेत करीब 80 लोग जख्मी हो गए। सामने आने वाली कुछ मीडिया रिपोर्ट को देखा जाए तो एक स्वास्थ्य अधिकारी ने यह बताया कि, 'तमिलनाडु के मदुरै के अवनियापुरम इलाके में जल्लीकट्टू प्रतियोगिता के वक्त कम से कम 80 लोग जख्मी हो गए वहीं एक युवक की जान चली गई।'

आप सभी को बता दें कि जल्लकट्टू बीते शुक्रवार (14 जनवरी) को मनाया गया था। आप सभी को बता दें कि इस दौरान मुरूगन ने 19 बैलों को कंट्रोल में करके दूसरा पुरस्कार हासिल किया, जबकि भरत कुमार 11 बैलों को नियंत्रित करके तीसरे स्थान पर रहे। जी दरअसल यहाँ जल्लीकट्टू खेल के दौरान बैलों को भी पुरस्कार दिया गया। वहीं मनप्पराई के देवासगयाम (Devasagayam) के बैल को सर्वश्रेष्ठ बैल का खिताब दिया गया। खेल के दौरान इस बैल को कोई भी काबू में नहीं कर सका।

आपको यह भी बता दें कि मदुरै में जल्लीकट्टू प्रतियोगिता के दौरान करीब 641 बैल शामिल हुए थे। आप सभी को बता दें कि जल्लीकट्टू खेल के दौरान सांडों और बैलों के सिंगों में पैसों का थैला फंसाकर भीड़ में छोड़ दिया जाता है और प्रतियोगिता में शामिल लोगों को उन पर काबू करना होता है। वहीं जल्लीकट्टू प्रतियोगिता तमिलनाडु में पोंगल के त्योहार पर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में आयोजित की जाती है और इस खेल को हजारों साल पुराना खेल कहा जाता है।

पोंगल: आखिर क्या होता है जल्लीकट्टू, जानिए नियम-परम्परा और विवाद

Video: आज होगा जल्लीकट्टू का आयोजन, तैयार हो गए बैल

क्या आप जानते हैं आखिर क्यों प्रभु श्री राम ने ली थी जल समाधि?

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -