एयर इंडिया के विनिवेश में स्वामी का रोड़ा

नई दिल्ली : कहते हैं कि जब किसी काम की शुरुआत अच्छे से हो जाती है, तो बाकी के काम भी अच्छे से होते जाते हैं. यही बात एयर इण्डिया के विनिवेश पर भी लागू हो हो रही है.जबसे सरकार ने इसके विनिवेश की घोषणा की है , तब से एक न एक बाधा आती ही जा रही है.भारतीय खरीदारों की अरुचि के बाद अब भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने आज सरकार से एयर इंडिया की हिस्सेदारी की बिक्री 2019 के आम चुनाव के बाद के लिए टालने की मांग की है.

उल्लेखनीय है कि इसके पूर्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने कल कहा था कि एयर इंडिया का प्रबंधन और नियंत्रण किसी भारतीय कंपनी का ही रहना चाहिए. इसके बाद अब सुब्रमण्यम स्वामी की इस नई मांग ने बाधा खड़ी कर दी है.स्वामी ने अपने ट्वीट में मोहन भागवत की टिप्पणी का स्वागत करते हुए पीएम मोदी को सलाह दी कि इस बिक्री के प्रस्ताव को उन्हें 2019 के चुनाव के बाद के लिए टाल देना चाहिए. यही नहीं उन्होंने विभागीय मंत्री जयंत सिन्हा को भी हटाने की मांग कर डाली.हालाँकि इस बारे में अभी जयंत सिन्हा की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है.

गौरतलब है कि सरकार एयर इंडिया में अपनी 76 प्रतिशत हिस्सेदारी निजी क्षेत्र के किसी चुनिंदा खरीदार को बेचना चाहती है.खरीदार कंपनी को इस एयरलाइन का प्रबंध भी दे दिया जाएगा.इसके अलावा इसकी विनिवेश की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है.प्राथमिक सूचना ज्ञापन भी जारी हो चुका है. दरअसल ऐसा करके सरकार एयर इण्डिया के कर्ज से मुक्त होना चाहती है.इसीलिए सरकार ने एयर इंडिया एक्सप्रेस में अपनी 100 प्रतिशत और एयर इण्डिया सैट्स एयरपोर्ट सविर्सेज प्रा.लि. में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय कर चुकी है.

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