फसल खराबी की जाँच को लेकर जल्द ही होगा सर्वे

ग्वालियर : मानसून के दौर में इस वर्ष नरमी का रुख देखने को मिला है और साथ ही इसके कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे अलग ही देखने को मिल रही है. बताया जा रहा है कि बारिश कम हुई है जिसके कारण फसल का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है और यह एक अहम कारण है कि फसल की पैदावार कम हुई है. बताया जा रहा है कि उत्पादन में हुई कमी के कारण ही फसलों के भाव भी इस साल तेजी के साथ देखने को मिलने वाले है. किसानों को फसल में बारिश की कमी के कारण सूखे का सामना करना पड़ रहा है.

इस नुकसान को लेकर ही अब यह बात सामने आ रही है कि कृषि विभाग नुकसान की सम्पूर्ण जानकारी के लिए एक सर्वे करवा रहा है. इस आकलन को लेकर 3 विभाग संयुक्त रूप से इस सर्वे को अंजाम देने वाले है. फ़िलहाल कृषि विभाग ने यह अनुमान लगाया है कि बारिश ना होने के कारण अबतक 25 प्रतिशत का नुकसान सामने आया है. लेकिन साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि करीं 1.7 लाख हेक्टेयर में लगी सोयाबीन, तिल, उड़द, धान आदि की फसलों को 50 प्रतिशत से भी जयादा नुकसान हुआ है.

यही कारण है कि किसान भी सर्वे को एक रूप देने की मांग कर रहे है. और इसके तहत ही अब कृषि विभाग भी किसानों की इस समस्या के समाधान के लिए यह सर्वे करवा रहा है. इस मामले में यह बताया जा रहा है कि सर्वे दल पहले खेत का आंकलन करेंगे फिर फसल की कटाई के बाद उत्पादन का आंकलन भी करेंगे. गौरतलब है कि सरकार पहले ही किसानों को इस मामले में ढांढस बंधने का काम कर चुकी है और साथ ही सरकार ने किसानों को मदद का भी आश्वासन दिया है.

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