Surgical Strike: 19 शहीदों के बदले में भारतीय वीरों ने 40 आतंकियों को पहुँचाया था जहन्नुम

नई दिल्ली: इंडियन आर्मी द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में घुसकर आतंकियों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक को आज 6 साल पूरे हो गए हैं। भारत द्वारा आज ही के दिन पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया गया था। भारतीय जांबाजों ने वर्ष 2016 में इसी दिन पाकिस्तानी सीमा में घुसकर अपने 19 वीर शहीदों का बदला लेते हुए 40 आतंकियों को जहन्नुम पहुंचा दिया था। भारतीय जवानों के साहसिक कदम के गवाह के रूप में यह दिन हमेशा के लिए दर्ज हो गया।

वर्ष 2016 के सितंबर माह में जम्मू-कश्मीर में बॉर्डर से सटे उरी सेक्टर में आतंकियों ने सेना के जवानों पर हमला किया। इस हमले में 19 भारतीय जवान वीरगति को प्राप्त हो गए थे। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों द्वारा उरी में इंडियन आर्मी के हेडक्वार्टर पर किए गए इस हमले से पूरे भारत में आक्रोश फैल गया। विपक्ष सरकार पर हावी होने लगा। तभी केंद्र की मोदी सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को उड़ाने की योजना बनाई। सरकार ने आर्मी के आला अधिकारियों के साथ मिलकर एक खास प्लान तैयार किया और इसको अंजाम देने के लिए 28-29 सितंबर की रात का वक़्त चुना गया। 

ये वो दिन था जब सेना ने महज 4 घंटे के ऑपरेशन में पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी शिविरों को नेस्तनाबूद करने में कामयाबी हासिल की थी।जानकारी के अनुसार, सेना ने रात लगभग 12.30 बजे ऑपरेशन 'बंदर' की शुरुआत की और सुबह 4.30 तक आतंकियों का काम तमाम कर वापस भारतीय सीमा में लौट आए। इंडियन आर्मी के इस सर्जिकल स्ट्राइक में लगभग 38 आतंकी मारे गए और वहां मौजूद दो पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए। दिलचस्प बात ये रही कि भारत के किसी भी कमांडो को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा और वो सफलता पूर्वक ऑपरेशन को अंजाम देकर अपनी सरजमीं पर लौट आए। इस ऑपरेशन पर भारतीय जवानों की जाबांजी की कहानी को 'उरी' फिल्म में भी दिखाया गया है।

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