प्रवासी मजदूर से जुड़ी इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज

भारत की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने जयराम रमेश की जरूरतमंदों को सरकारी राशन देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने जयराम से कहा कि वह सरकार को ज्ञापन दे. कोर्ट ने यह भी कहा है कि लोगों को पहले सरकार के पास जाना चाहिए, उसके बाद कोर्ट के पास आना चाहिए.

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सुप्रीम कोर्ट में जयराम ने याचिका दायर कर प्रवासी मजदूरों की परेशानी बताते हुए फूड सिक्योरिटी कानून के तहत कहीं के भी राशन कार्ड पर राशन उपलब्ध कराने का आदेश मांगा था. उन्होंने कहा था कि बड़ी तादाद में लोगों की आर्थिक स्थिति खराब है. देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान भोजन की भारी कमी है ऐसे में जरूरतमदों को मुफ्त राशन देना चाहिए.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की वह याचिका भी खारिज कर दी है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री राहत कोष में कंपनियों के सीएसआर फंड का दान भी स्वीकार करने की इजाजत मांगी थी.

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