फ़ारूक़ अब्दुल्ला पर नहीं चलेगा देशद्रोह का केस, SC ने याचिकाककर्ता पर लगाया 50 हज़ार का जुर्माना

Mar 03 2021 12:56 PM
फ़ारूक़ अब्दुल्ला पर नहीं चलेगा देशद्रोह का केस, SC ने याचिकाककर्ता पर लगाया 50 हज़ार का जुर्माना

नई दिल्ली: धारा 370 पर टिप्पणी करने पर जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कांफ्रेंस (NC) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ याचिका दाखिल करने वाले व्यक्ति पर शीर्ष अदालत ने 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. जानकारी के मुताबिक, रजत शर्मा नाम के शख्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा था की फारूक अब्दुल्ला ने धारा 370 हटाए जाने पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उनको चीन और पाकिस्तान से मदद मिल रही है. इसलिए उनके खिलाफ देशद्रोह का केस चलाया जाए.

इसके बाद शीर्ष अदालत ने याचिका खारिज कर दी और कोर्ट का वक्त बर्बाद करने के लिए रजत शर्मा पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया. अदालत ने कहा की किसी भी नीति पर आपत्ति जताना और विरोध करना देशद्रोह नहीं होता. याचिकाकर्ता ये साबित नही कर पाए की फारूक अब्दुल्ला को चीन और पाकिस्तान से कैसे सहायता मिल रही है. बता दें कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर जारी तनाव धारा 370 हटाने का परिणाम है. 

अब्दुल्ला ने कहा था कि चीन हमेशा से ही इसका विरोध करता रहा है और बॉर्डर पर उसका आक्रामक रुख मोदी सरकार के इस गलत कदम के चलते ही है. वहीं उनके बयान पर सफाई देते हुए नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रवक्ता ने कहा था कि 'हमारे अध्यक्ष पिछले वर्ष पांच अगस्त को संसद द्वारा धारा 370 और 35-ए के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करने पर लोगों के गुस्से को उजागर कर रहे थे, जो हाल के महीने में वह लगातार करते रहे हैं. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में कोई भी इन बदलावों को स्वीकार करने को तैयार नहीं है.'

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