पर्युषण पर्व के लिए खुलेंगे जैन मंदिर, सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ ही इजाजत

नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत ने जैन समाज के तीन मंदिरों को सशर्त खोलने और पर्युषण पूजा करने के लिए अनुमति दे दी है. शुक्रवार को सुनवाई के दौरान देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI) शरद अरविंद बोबड़े ने कहा कि हम दादर, बायकुला और चेंबूर में स्थित जैन समाज के मंदिर को खोलने और पर्युषण पूजा की अनुमति देते हैं.

हालांकि, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कहा कि अन्य किसी मंदिर को पूजा या किसी कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी. जैन मंदिर में पूजा की अनुमति को गणपति उत्सव या अन्य किसी धार्मिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए अनुमति मांगने का आधार नहीं बनाया जाएगा. CJI एसए बोबड़े ने कहा कि गणपति उत्सव पर स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी उस वक़्त के मुताबिक फैसला लेगी. शीर्ष अदालत ने कहा कि हमारा विचार है कि अगर याचिकाकर्ता ईमानदारी से कोरोना नियमों का अनुपालन करेगा तो तीन मंदिरों (दादर, बायकुला और चेंबूर) में पूजा की इजाजत देना घातक नहीं होगा.

शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस मामले में हमारा आदेश याचिकाकर्ता ट्रस्ट से संबंधित दादर, बाइकुला और चेंबूर के तीन मंदिरों में दी जाने वाली उपासना तक ही सीमित है तथा किसी अन्य ट्रस्ट या किसी अन्य मंदिर तक नहीं है.

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