पेगासस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया अहम फैसला, मोदी सरकार को लगेगा झटका

नई दिल्ली: पेगासस जासूसी मामले में शीर्ष अदालत ने अहम आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि पेगासस जासूसी मामले की जांच एक्सपर्ट कमेटी करेगी. बता दें कि अदालत में दाखिल याचिकाओं में स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी. इस पर मुख्य न्यायाधीश (CJI) एनवी रमणा, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने इसपर फैसला सुनाया. अदालत ने कहा कि लोगों की विवेकहीन जासूसी बिल्कुल स्वीकार नहीं है.

अब सर्वोच्च न्यायालय ने रिटायर्ड जस्टिस आरवी रवींद्रन के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया है. न्यायमूर्ति रवींद्रन के साथ आलोक जोशी और संदीप ओबेरॉय इस कमेटी में शामिल होंगे. अदालत ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार का कोई स्पष्ट स्टैंड नहीं था. अदालत ने कहा कि निजता के उल्लंघन की जांच होनी चहिए. अदालत ने 13 सितंबर को मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा था कि वह सिर्फ यह जानना चाहती है कि क्या केंद्र ने नागरिकों की कथित जासूसी के लिए अवैध तरीके से पेगासस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया या नहीं?

केंद्र सरकार का कहना था कि यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं है और न ही यह ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के हित’ में है. बता दें कि पेगासस जासूसी मामले में निष्पक्ष जांच के लिए 15 याचिकाएं दाखिल की गई थीं. ये याचिकाएं वरिष्ठ पत्रकार एन राम, सांसद जॉन ब्रिटास और यशवंत सिन्हा सहित कई लोगों ने दाखिल की थीं. 

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