बच्चों के साथ हो रही दुष्कर्म की वारदातों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दिया ये अहम् आदेश

Jul 25 2019 02:34 PM
बच्चों के साथ हो रही दुष्कर्म की वारदातों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दिया ये अहम् आदेश

नई दिल्‍ली : देश भर में बच्चों के साथ बढ़ती दुष्कर्म की घटनाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि जिन जिलों मे बाल यौन उत्पीड़न के 100 से अधिक मामले दर्ज हैं, वहां पोक्सो कानून में विशेष अदालतों का गठन किया जाएं। सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि ये अदालतें 60 दिन में कार्य करना आरम्भ कर दें। अदालत ने कहा कि पोस्को के तहत गठित होने वाली विशेष अदालतों के गठन का फ़ंड केंद्र सरकार प्रदान करेगी।

दरअसल, 12 जुलाई को शीर्ष अदालत ने चिंता जताते हुए मामले पर संज्ञान लिया था और अधिवक्ता वकील वी। गिरि को न्यायमित्र नियुक्त किया था। अदालत ने गिरि से आवश्यक दिशा-निर्देश पारित करने के बारे में सुझाव मांगे हैं। उल्लेखनीय है कि एक जनवरी से गत 30 जून तक देश में बच्चों से रेप की कुल 24,212 वारदातें हुईं, जिनमें FIR दर्ज है। अदालत ने ऐसे मामलों से निपटने के लिए ढांचागत संसाधन जुटाने और अन्य उपाय करने के लिए दिशा-निर्देश निर्धारित करने का मन बनाया है।

इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय में कहा था कि विभिन्न अखबारों और ऑनलाइन प्रकाशन में बच्चों से रेप की वारदातों और आंकड़ों ने उन्हें परेशान और चिंतित कर दिया है। इसके बाद अदालत ने सभी राज्यों और हाई कोर्ट से बच्चों से रेप के मामलों के आंकड़े मंगाए हैं। अदालत ने एकत्रित आंकड़ों की जानकारी दी जो कि हैरान करने वाली है। अदालत ने वरिष्ठ वकील वी। गिरि को न्यायमित्र नियुक्त करते हुए कहा था कि वह ऐसे मामलों से निपटने के लिए प्रदेश को ढांचागत संसाधन जुटाने, कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिंग करने जैसे दिशा-निर्देश जारी करने पर अपनी प्रतिक्रिया दें।

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