'यूपी चुनाव से पहले ढहा दी जाएगी काशी-मथुरा मस्जिद, करवाए जाएंगे सांप्रदायिक दंगे'

नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू अक्सर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चाओं में रहते हैं। अब उनका एक फेसबुक पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि, ”अभी तो यह झाँकी है, काशी मथुरा बाकी है। जो लोग चिल्ला रहे हैं कि बीजेपी की लोकप्रियता घट रही है, वह भूल गए हैं कि उत्तर प्रदेश का चुनाव हनोज दूर अस्त। यानी चुनाव अभी दूर है।”

काटजू ने आगे लिखा कि 'चुनाव से कुछ समय पहले सुनियोजित ढंग से व्यापक सांप्रदायिक दंगे करवाए जाएँगे (संभवतः काशी और मथुरा मस्जिद गिरवाकर), जिससे हमारी मूर्ख जनता जिनके खोपड़े में सांप्रदायिकता का गोबर भरा है, उत्तेजित हो जाएगी और भड़भड़ा कर बीजेपी को वोट दे देगी।' काटजू के इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा है। ब्रिजेश द्विवेदी नाम के एक सोशल मीडिया यूजर ने उनकी पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा कि, ”एक पूर्व न्यायाधीश से ऐसे गिरे हुए वक्तव्य की उम्मीद नहीं थी। यह जानते हुए भी अयोध्या श्री राम की जन्मभूमि है, उनके लिए कई वर्षों तक मुकदमा लड़ा गया, न्यायालय के निर्णय उपरांत ही निर्माण प्रारंभ हु। अगर समय रहते न्याय मिल जाए तो लोग आंदोलित ही न हो। आप उकसाने की बात हर समय करते हैं। सदैव हिंदुओं को आक्रांता घोषित करने से नहीं चूकते हैं। अगर सच में हिंदू आक्रामक हो जाए तो अनेक बीमारियाँ ठीक हो जाएँ।”

अपने बयान के बाद मार्कंडेय काटजू कई अन्य यूजर्स के निशाने पर भी आ गए हैं। हालाँकि, यह कोई पहली बार नहीं है, इससे पहले भी सुर्खियों में बने रहने के लिए वह बेतुके बयान देते रहे हैं। वर्ष 2015 में काटजू ने एक सेमिनार में कहा था कि, ”90 फीसद भारतीय बेवकूफ होते हैं, जो धर्म के नाम पर आसानी से बहकावे में आ जाते हैं।”

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