मैगी के सेंपल्स की जांच के SC ने दिए निर्देश

नई दिल्ली : सर्वोच्च न्यायालय द्वारा यह कहा गया कि बच्चों और नौजवानों में मैगी बेहद लोकप्रिय है। नई पीढ़ी के स्वास्थ्य को भी नेस्ले इंडिया को ध्यान में रखना होगा। इस मामले में न्यायालय बेहद गंभीर है। यह बात तब सामने आई जब सर्वोच्च न्यायालय ने मैसूर की एक लैब को निर्देश देते हुए कहा कि आखिर नेस्ले इंडिया ने मैगी के नए प्रोडक्शन में लेड, मोनोसोडियम और ग्लूटामेट का कितना ध्यान रखा है। यह जांचा जाए और इसके इसके बारे में रिपोर्ट दी जाए। 

न्यायालय द्वारा नेस्ले इंडिया के प्रोडक्ट मैगी के और अधिक सैंपल लेने की छूट भी दी है। हालांकि इस मामले की सुनवाई 4 अप्रैल तक के लिए टाल दी गई है। मैगी के नए प्रोडक्शन की जानकारी सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी से 8 सप्ताह में ही मांगी है। मिली जानकारी के अनुसार नेस्ले की मैगी नूडल्स कोर्ट में लंबी लड़ाई के बाद बाजार में तो आ गई मगर यह उत्पाद अभी भी विवादों के घेरे में है। 

सर्वोच्च न्यायालय ने एफएसएसएआई की याचिका पर सुनवाई की थी। यह मामला अभी भी न्यायालय में चल रहा है। दूसरी ओर नेस्ले इंडिया ने इस वाद को लेकर मुंबई उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर दी। याचिका में मैगी से प्रतिबंध हटाए जाने की मांग भी की गई थी। हालांकि अब मैगी का उत्पाद बाजार में आ गया है लेकिन अभी भी न्यायालय इसके सैंपल जांचने और उनके सही होने की बात को सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है।

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