क्या पदोन्नति में मिलेगा आरक्षण ? सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से दो सप्ताह में माँगा जवाब

नई दिल्ली: पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दे पर शीर्ष अदालत में आज मंगलवार को सुनवाई हुई. फिलहाल, अदालत ने मसले को 5 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दिया है, इस समय में राज्यों को अपनी ओर से उन बातों की सूची तैयार करने को कहा है, जिन्हे लेकर कानूनी अड़चनें आ रही हैं. अदालत ने केंद्रीय गृह सचिव एके भल्ला के खिलाफ जारी अवमानना के नोटिस को वापस लेने से भी इनकार कर दिया.

सुनवाई के दौरान राज्यों ने पदोन्नति में आरक्षण के मामले पर जल्द सुनवाई की अपील की. कहा गया कि विभिन्न उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए फैसलों के कारण विरोधाभास पैदा हुआ है, जिसके कारण कई पोस्ट खाली पड़ी हैं. पिछले कुछ वर्षों से कुछ राज्यों में यह मसला अटका हुआ है, जिसको लेकर हजारों सरकारी पोस्ट खाली पड़ी हैं और पदोन्नति भी रुकी हुईं हैं.

शीर्ष अदालत ने कहा कि 5 अक्टूबर से प्रमोशन में आरक्षण पर अंतिम सुनवाई शुरू होगी. अदालत ने सभी राज्यों से कहा है कि उनके राज्यों में क्या कानूनी अड़चनें आ रही हैं, उसकी सूची दो सप्ताह में तैयार करके अदालत को सौंपनी है. सुनवाई में शीर्ष अदालत ने केंद्रीय गृह सचिव एके भल्ला के खिलाफ जारी अवमानना के नोटिस को वापस लेने से भी मना कर दिया है. बता दें कि बिहार में 'एड हॉक के आधार पर' पदोन्नति देने के लिए उनके खिलाफ यह नोटिस जारी हुआ था. कोर्ट ने कहा कि इसपर बाद में चर्चा की जाएगी.

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