आज वायु सेना का हिस्सा बनेगी स्वदेशी सुपरसोनिक मिसाइल 'आकाश'

ग्वालियर : भारत में ही बनी स्वदेशी सुपरसोनिक मिसाइल ‘आकाश’ भारतीय वायु सेना का हिस्सा बनने जा रही है. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर वायु सेना प्रमुख अरूप राहा शुक्रवार को एक समारोह में यह मिसाइल सौंपेंगे. यह समारोह ग्वालियर के महाराजपुर वायु सेना स्टेशन पर होगा.

'आकाश' जमीन से आकाश में मार करने वाली मिसाइल है. इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), भारत इलेक्ट्रिकल लिमिटेड और निजी क्षेत्र ने मिलकर तैयार किया है. इस मिसाइल में प्रयोग किए गए लगभग 92 प्रतिशत उपकरणों को भारत में ही तैयार किया गया है. इसे किसी भी मार्ग से कहीं भी लाया ले जाया जा सकता है.

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ‘आकाश’ एक बार में 8 लक्ष्यों को निशाना बना सकती है. इसकी गति आवाज से तीन गुनी अधिक है, जो लगभग 100 किलोमीटर की दूरी से लक्ष्य पर नजर रख सकती है और 25 किलोमीटर की दूरी पर उसे भेद भी सकती है.

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