सुनंदा की मौत खतरनाक रसायन से हुई थीः FBI

Jan 16 2016 10:56 AM
सुनंदा की मौत खतरनाक रसायन से हुई थीः FBI

नई दिल्ली : कांग्रेस नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरुर की पत्नी सुनंदा पुष्कर के रहस्यमयी मौत के मामले में एफबीआई का कहना है कि उनकी मौत जहर से हुई है। उनका कहना है कि उनकी मौत खतरनाक रसायन हो सकता है। उनके शरीर से खतरनाक रसायन पाए गए है। इससे पहले एम्स ने भी सुनंदा की मौत का कारण जहर को ही बताया था।

एफबीआई की रिपोर्ट का विश्लेषण एम्स ने भी किया और इसी आधार पर दिल्ली के पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी ने मीडिया से कहा कि सुनंदा की मौत स्वाभाविक तो बिल्कुल नहीं थी। बस्सी ने सुनंदा के शरीर से रेडिया धर्मी तत्व पाए जाने की खबर से इंकार किया। एम्स के फॉरेंसिक विभाग के विज्ञान विभाग के प्रमुख सुधीर गुप्ता ने कहा कि एफबीआई की रिपोर्ट में भी हत्या की वजह जहर को माना है।

बस्सी ने भी पत्रकारों से कहा कि एक बात तो साफ है कि ये मौत सामान्य नहीं थी। उन्होने यह भी कहा कि मेरी जानकारी में एफबीआई की रिपोर्ट में किसी भी खतरनाक रसायन का जिक्र नहीं है। साथ ही एफबीआई ने किसी भी नमूने में रेडियोधर्मी पदार्थ के होने की भी पुष्टि नहीं की है। हमने पूरी रिपोर्ट एम्स को सौंपी थी, जिसने विश्लेषण के बाद हमें रिपोर्ट सौंप दी। जब कि सुधीर गुप्ता का कहना है कि एफबीआई ने विसरा के नमूनों में रेडियोधर्मी तत्वों की उपस्थिति को पूरी तरह नहीं नकारा है।

विसरा के नमूनों की विकृत हालत के कारण वे तत्वों की मात्रा का अध्ययन नहीं कर पाए। गुप्ता ने कहा कि एफबीआई द्वारा पेट, प्लीहा, जिगर, गुर्दे और मूत्र के विश्लेषण में हत्या की वजह जहर बतायी गयी है और कहा गया है कि सभी विसरा में एक ही प्रकार का जहर मौजूद है। उन्होंने कहा कि जहर को मौत की वजह बताने वाली एम्स की पोस्ट-पार्टम रिपोर्ट की पुष्टि करता है। उन्होंने कहा कि हालांकि एफबीआई ने अलग से एक खतरनाक रसायन की मौजूदगी की बात कही है जो अगर शरीर में प्रवेश करता है तो उससे मौत हो सकती है।

बीते साल जनवरी में पुलिस ने सुनंदा के मौत के मामले में हत्या का मामला दर्ज किया था। बस्सी ने कहा कि इस हाइ-प्रोफाइल मामले को जल्द ही इसके तार्किक निष्कर्ष पर ले जाया जायएगा और सभी संभव पक्षों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेडिकल बोर्ड ने 32 पृष्ठों के संलग्नक के साथ 11 पृष्ठों की रिपोर्ट सौंपी है जिसकी छानबीन की जानी है। उन्होंने कुछ निष्कर्षों का जिक्र किया है जिसकी जांच होनी है।