अब पता चला क्यों स्वामी सभी पर इल्जाम लगाकर RBI से बाहर कर रहे है

नई दिल्ली : बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी इन दिनों देश की इकोनॉमी से जुड़े लोगों पर खुल कर वार कर रहे है है। यहां तक कि उन्होने फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली को भी नहीं बख्शा। अब जाकर उनके ऐसा करने के पीछे की मंशा जाहिर हुई है। कहा जा रहा है कि ये सब वो प्रोफेसर आर वैद्दनाथन को रिजर्व बैंक का गवर्नर बनाने के लिए कर रहे है।

पहले भी स्वामी वैद्दनाथन के नाम की पैरवी कर चुके है। कहा जा रहा है कि स्वामी ने 27 लोगों की हिटलिस्ट तैयार की है। जिसमें अब तक आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन, उसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यका और फिर इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी शक्तिकांत दास का नाम आया। पहले स्वामी के बयानों से परेशान होकर तत्कालीन आरबीआई गवर्नर ने सेकेंड टेन्योर लेने से खुद ही मना कर दिया।

इसके बाद स्वामी ने उन लोगों को निशाना बनाना शुरु किया जो आरबीआी गवर्नर बनने की दौड़ में शामिल हुए। बीते वर्ष एक ट्वीट करके स्वामी ने वैद्दनाथन को गवर्नर बनाने की सिफारिश की थी। यह ट्वीट 20 अगस्त 2015 को सुबह 7:53 बजे किया था। जिसमें उन्होंने लिखा था कि पीएम मोदी को आरबीआई गवर्नर को हटा देना चाहिए।

वैद्दनाथन आईआईएम बेंगलुरू में फाइनेंस डिपार्टमेंट में प्रोफेसर हैं। उन्हें स्वामी का काफी करीबी माना जाता है। 2009 में यह रिपोर्ट भी आई थीं कि लालकृष्ण आडवाणी ने ब्लैक मनी का जो मुद्दा उठाया था, तब उसके पीछे वैद्यनाथन का अहम रोल था। वैद्यनाथन ब्लैक मनी पर बीजेपी की ओर से बनाई गई टास्क फोर्स के सदस्य भी रह चुके है।

स्वामी ने अरविंद सुब्रमण्यम पर आरोप लगाया कि वो भारत के नीतियों का विरोध कर रहे है। अब स्वामी का शक्तिकांत पर आरोप है कि वो भ्रष्टाचार में लिप्त है। अपने ट्वीट में स्वामी ने लिखा कि मुझे लगता है कि महाबलीपुरम में जमीन हथियाने में पी चिदंबरम की मदद करने की वजह से शक्तिकांत दास के खिलाफ एक मामला लंबित है।

वित मंत्री अरुण जेटली ने अपनी चीन यात्रा से ही ट्वीट कर स्वामी को जवाब दिया था और अरविंद सुब्रमण्यम का बचाव किया था। इसके बाद जेटली पर निशाना साधते हुए ट्वीट में स्वामी ने कहा कि बिना मांगे मुझे अनुशासन और नियंत्रण की सलाह देने वाले लोग यह नहीं समझ रहे कि यदि मैंने अनुशासन की उपेक्षा की तो तूफान आ जाएगा।

स्वामी ने आगे कहा कि बीजेपी को अपने मंत्रियों को निर्देश देना चाहिए कि वह विदेशी दौरों में परंपरागत व आधुनिक परिधान पहनें। कोर्ट और टाई पहनकर वो वेटर जैसे लगते है। कलअखबारों में जेटली की बैंक आफ चायना के अध्यक्ष तियान गुओली से मुलाकात की तस्वीर छपी है जिसमें उन्होंने लाउंज सूट पहन रखी है। जाहिर तौर पर स्वामी ने जेटली को लेकर ही वेटर संबंधी बयान दिया है।

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