शब्दभेदी बाण चलाने में माहिर है ये पुजारी

महाभारत में अर्जुन ने शब्दभेदी बाण चलाकर मछली की आँख को निशाना बनाकर पांचाली द्रौपती के साथ स्वंवर रचाया था. पौराणिक कथाओं में धनुर विद्या के कई किस्से और महावीरों के बारे में सुना है. पर असल में भी एक ऐसा शख्स है जिसे आज का अर्जुन नाम से जाना जाता है. ये शख्स धनुर विद्या में काफी माहिर है वह अपनी आँखों पर पट्टी बांधकर या तैरती हुई मछली की आंख पर निशाना साधने में सक्षम माने जाते हैं.  

दरअसल हम बात कर रहे हैं आंध्रप्रदेश के सुब्बाराव लिंगमगुंटला की, जिन्हें आज का अर्जुन कहा जाता है. सुब्बाराव धनुर विद्या में काफी निपुण हैं वो किसी भी क्या से अपने तीर-कमान से निशाना साध सकते हैं. वो पैरों से तीर-कमान संभाल सकते हैं. अपनी आँखों पर पट्टी बांधकर लक्ष्य को भेद सकते हैं. 52 वर्षीय सुब्बाराव गंटुर जिले के अलवपल्ली गांव में पुजारी हैं और वो अब कई बड़ी प्रतियोगिताएं भी जीत चुके हैं. 

 सुब्बाराव का कहना है की उन्होंने धनुर विद्या विरासत में मिली है, उनके पिता ने उन्हें धनुर विद्या सिखाई है. उनका कहना है की सरकार अगर मुझे सहायता दे तो मैं आगे की पीढ़ियों को भी यह शिक्षा दे प्रदान करना चाहूंगा. 

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