फेक न्यूज़ के खिलाफ बने कड़े कानून

पत्रकारिता को लेकर बड़े बदलाव करते हुए सरकार ने फर्जी खबर चलाने वाले पत्रकारों की मान्यता रद्द करने के प्रावधान किये है. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने विज्ञप्ति जारी की है कि फेक न्यूज लिखने वाले पत्रकारों की मान्यता हमेशा के लिए खत्म कर दी जाएगी.पहली बार फेक न्यूज साबित होने पर 6 महीने के लिए पत्रकार की मान्यता निलंबित की जाएगी, दूसरी बार साल भर के लिए और तीसरी बार ऐसी शिकायत मिलने पर हमेशा के लिए मान्यता रद्द की जा सकती है. विग्यप्ति के अनुसार फेक न्यूज की जांच प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और न्यूज  ब्रॉडकास्टर्स असोसिएशन द्वारा की जाएगी. प्रिंट मीडिया से संबंधित मामलों की जांच पीसीआई और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की जांच एनबीए करेगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से फेक न्यूज का नियमन किया जा सकेगा.


मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के साथ जुड़े तीन शोधकर्ताओं ने "फेक न्यूज़ कैसे फैलती है" की जांच की. इस जांच में मीडिया लैब के सोरौश वासॉजी और देब रॉय, और स्लोअन स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के सीनन अर्ल शामिल हुए. उन्होंने आमतौर पर यही देखा कि सोशल मीडिया में फेक न्यूज़ किस तरह फैलती है. 2013 में बोस्टन मैराथन के दौरान बम हादसे में तीन लोग मारे गए थे. उस समय इन शोधकर्ताओं को लगा कि फेक खबरें असली ख़बरों की तुलना में जल्दी फैलती हैं. 


शोधकर्ताओं के अनुसार झूठी खबर सोशल मीडिया पर असली की तुलना में तेज़, व्यापक और अधिक तीव्रता से बढती है. इसके अलावा मजेदार बात ये है कि झूठी खबरों का प्रवाह नकली प्रोफाइल से नहीं बढ़ाया जाता. वास्तव में, लोग झूठी खबरों को ही सच्ची समझकर अधिक शेयर करते हैं. अध्ययन से पता चला कि ट्विटर पर वास्तविक समाचार की तुलना में झूठी खबरें 70 फीसदी अधिक शेयर होने की आशंका है. हाल ही में फेक न्यूज वायरल करने के आरोप के चलते पोस्टकार्ड नाम के समाचार पोर्टल के संस्थापक और संपादक महेश विक्रम हेगड़े को गिरफ्तार किया गया है. उन्हें बंगलूरू पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. हेगड़े पर पोर्टल के माध्यम से फेक न्यूज वायरल करने का आरोप लगा है. पोस्टकार्ड डॉट कॉम पर खबर छपी थी कि बंगलूरू में जैन मुनि पर कुछ मुस्लिम युवकों ने हमला कर दिया है. वेबसाइट की खबर में जिस जैनमुनि को घायल अवस्था में दिखाया गया था, दरअसल वह कनकपुरा (कर्नाटक) में एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे.

फेक न्यूज के आरोप में समाचार पोर्टल के संस्थापक गिरफ्तार

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