सच्ची कहानी पर आधारित है इस 'स्त्री' की कहानी

सच्ची कहानी पर आधारित है इस 'स्त्री' की कहानी

आज ही बॉलीवुड एक्टर राजकुमार राव और श्रद्धा कपूर की हॉरर कॉमेडी फिल्म रिलीज़ हुई है जिसे दर्शकों से भर-भर कर प्यार मिल रहा है. जैसा कि आप ट्रेलर में देख चुके हैं कि ये फिल्म एक चुड़ैल पर आधारित है और कॉमेडी से भरी हुई है. फिल्म भले ही कॉमेडी हो लेकिन फिल्म असल कहानी पर आधारित बताई जा रही है. जी हाँ, आइये आपको बता देते हैं इसके बारे में क्या है फिल्म की कहानी और क्या है इसकी असली कहानी जिस पर ये आधारित है.

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फिल्म की कहानी का टाइटल है 'स्त्री अब मर्द को दर्द होगा' ऐसी ही कुछ असल कहानी है. इसमें एक चुड़ैल है जो हर साल पूजा की चार रात शहर में आती है और मर्दों को मारकर सिर्फ उनके कपड़े छोड़ जाती है. ऐसी घटना साल 1990 में कर्नाटक में होती थी जिसे एक अफवाह भी बताया जाता है और इसी पर ये फिल्म पर आधारित है. हालांकि आज के लोग ऐसी बातों पर लोग यकीन करते नहीं हैं लेकिन पुराने लोग इन बातों को खूब मानते थे. साल 1990 के आसपास कर्नाटक की राजधारी बेंगलुरू में एक अफवाह फैली गई थी जिसे नाले बा कहते थे.

इसका अर्थ था कि एक चुड़ैल रात के समय शहर की गलियों में चक्कर लगाती थी और मर्दों की तलाश करती थी. कहा जाता है ये चुड़ैल लोगों के घर के दरवाज़े खटखटाती थी और महिला की आवाज़ में उन्हें बाहर बुलाती थी. ये आवाज़ उनकी पत्नी या माँ की होती थी जिसे सुनकर पुरुष बाहर आ जाते थे. ऐसे में पुरुष अगर बाहर आते थे रो चुड़ैल उसे 24 घंटे में मार देती थी. चुड़ैल की दहशत इतनी थी कि पुरुषों ने शाम के समय घर से बाहर निकलना बंद कर दिया था. 

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इसी से बचने के लिए वहां के लोगों ने इस दिन को मनाना शुरू कर दिया जिसका नाम नाले बा रखा जिसका मतलब 'कल आना' था. चुड़ैल को घर से दूर रखने के लिए उन्होंने अपने घर के दरवाज़ों पर 'नाले बा' लिख दिया था. लोगों का ऐसा मानना था कि दरवाजा में नाले बा लिखा देख चुड़ैल वापस लौट जाती है. इसी के चलते कर्नाटक में हर साल 1 अप्रैल को 'नाले बा डे' मनाते हैं.

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