सीट रोकने का चलन

सीट रोकने का चलन

एक महिला दुकानदार से

महिला : भय्या यह नेल पालिश कितने की है।

दुकानदार : बहन जी सतरह रुपए की।

महिला ; में चालीस रूपये से एक रूपया भी ज्यादा नहीं दुगी

दुकानदार : आपने गलत सुना है बहन जी मेने सतरह रुपए कहा है।

महिला : तो ठीक है

में आपको दस रूपये से एक रुपया भी ज्यादा नहीं दुगी

हमें उस भारतीय को भी भारत रत्न से नवाजा जाना चाहिए।

जिन्होंने बस और ट्रेन में रुमाल रख कर

सीट रोकने का चलन चालू किया था।