सीटी स्कैन कराने गए मरीज के साथ हुआ ऐसा हादसा

झारखंड के सबसे बड़े चिकित्सालय रिम्स में रोगियों के साथ कैसा गलत व्यवहार होता है, इसकी जानकारी एक बार फिर से नजर आई है. यहां एडमिट के सिर में गंभीर चोट के एक रोगी को चिकित्सक ने सिर का सीटी स्कैन कराने की राय दी. लेकिन अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग से सीटी स्कैन भवन तक के लिए उसे न तो स्ट्रेचर या व्हील चेयर मुहैया कराया गया. इधर उधर प्रयास कर थक-हार कर रोगियों की फैमिली उसको पैदल ही सीटी स्कैन कराने ले गए. इस दौरान रोगी को बहुत दिक्कत सहनी पड़ी.

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इस मध्य अचानक बरसात होने लगी तो रोगियों के परिजन मेडिकल पर्ची से उसका सिर छिपाने लगे ताकि सिर के घाव पर बरसात का जल न पड़े. मूल रूप से बिहार के गया शहर के रहने वाले प्रदीप को सिर में गंभीर चोट के पश्चात रिम्स में एडमिट कराया गया था. यहां डॉक्टरों ने उसे अटेंड करते हुए उसे अपने सिर का सीटी स्कैन कराने को कहा. हेल्थ मैप में स्कैन कराने के लिए गंभीर रूप से बीमार प्रदीप को व्हील चेयर तक नहीं मिला. प्रदीप के साथ आए उसके परिजनों ने बताया कि अस्पताल का स्टाफ स्ट्रेचर के लिए उन्हें घंटों इधर से उधर घुमाते रहे. उन लोगों ने हर किसी से हाथ जोड़कर एक स्ट्रेचर या व्हील चेयर की गुहार लगाई पर किसी का हदय नहीं पसीजा.

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रिम्स कोरोना टास्क फोर्स के संयोजक और रिम्स चिकित्सक शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉक्टर प्रभात कुमार का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होने कहा है कि किसी भी मरीज के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसको लेकर वो अधीक्षक और निदेशक से बात करेंगे.वजह जो हो लेकिन रिम्स की सच्चाई यही बताती है कि पहले​ चिकित्सालय के कोरोना सेंटर में बेड से गिरे मरीज के उपचार को लेकर कोताही सामने आई थी, और अब सिर में गंभीर चोट से जूझ रहे रोगी को सीटी स्कैन के लिए एक अदद स्ट्रेचर या व्हील चेयर उपलब्ध नहीं कराना खस्ताहाल स्वास्थ्य सेवाओं को दिखाता है.

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