सोमवती अमावस्या: पितृ दोष निवारण के लिए करें यह उपाय

इस बार 30 मई को इस साल की आखिरी सोमवती अमावस्या है। जी हाँ और इसी के साथ इसी दिन शनि जयंति और वट सावित्री व्रत भी आ रहे है। वहीं ज्योतिषाचार्य के अनुसार साल में एक या दो बार ही सोमवती अमावस्या का शुभ योग बनता है। ऐसे में इस शुभ योग में तीर्थ स्नान कर जरुरतमंदो को दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। जी दरअसल महाभारत में भी स्वयं भीष्म पितामह ने युधिष्ठिर को इस तिथि का महत्व बताया था। कहा जाता है इस दिन को पितृ दोष के उपाय करने के लिए बहुत ही खास माना गया है। अब आज हम आपको बताने जा रहे हैं पितृ दोष की शांति के लिए क्या उपाय करना चाहिए।

* सोमवती अमावस्या पर किसी भी तीर्थ स्थान में जाकर पितरों के श्राद्ध, तर्पण आदि कर्म करें। वहीं पूजा के बाद जरुरतमंदो को भोजन, कच्चा अनाज, बर्तन, कपड़े आदि चीजों का दान करें। इन कार्यों से पितृ देवता प्रसन्न होते है और आशीर्वाद देते है।

* कहा जाता है इस दिन किसी ब्राह्मण परिवार को भोजन पर बुलाना चाहिए और उनकी इच्छा के अनुसार ही भोजन करवाएं। इसी के साथ दान- दक्षिणा देकर उनके संतुष्ट होने के बाद ही उन्हें विदा करें।

* ज्योतिष के अनुसार सोमवती अमावस्या पर गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए। वहीं मछलियों के लिए नदी या तालाब में आटे की गोलियां बनाकर डालना चाहिए। इसके आलावा अन्य पशु-पक्षियों के लिए भी भोजन पानी की व्यवस्था करना चाहिए। इससे पितृों को शांति मिलती है, वे तृप्त होते है और पितृ दोष का अशुभ प्रभाव कम होता है।

* सोमवती अमावस्या के दिन दूध में काले तिल और पानी मिलाकर पीपल पर चढ़ाना चाहिए। इसी के साथ साथ ही पीपल की पूजा कर परिक्रमा करना चाहिए। ऐसा करने से पितृ दोष में आराम मिलता है।

* सोमवती अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए और पितृ दोष निवारण के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।

वट सावित्री व्रत के दिन भूल से भी महिलाएं न करें ये काम वरना नहीं मिलेगा फल

यहाँ जानिए वट सावित्री व्रत के दिन क्या है शुभ मुहूर्त और पूजा विधि?

रसोई की ये चीजें काट सकती हैं कुंडली के ग्रह दोष को, करें ये गुप्त उपाय

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -