कुछ बाते गणेशजी के बारे में

भगवान गणेश के जीवन की ये बातें सभी को आमतौर पर पता ही हैं लेकिन प्रभु से जुड़ी भी कई बातें हैं जिन्हें शायद ही आप जानते हों. आइए जानें, ऐसी ही बातों के बारे में जिनका जिक्र पुराणों और शास्त्रो में मिलता है.

1-गणेश चतुर्थी महाराष्ट्र में काफी धूमधाम से मनाई जाती है. 1893 में लोकमान्य तिलक ने इस समारोह को निजी से सामूहिक आयोजन में तब्दील कर दिया. उनका उद्देश्य जात-पात के फासलों को मिटाने का था और यह बात अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन को बढ़ावा देने के भी बहुत काम आई.

2-आमतौर पर जनसूमह में यह माना जाता है कि गणेश जी का वाहन चूहा है लेकिन अगर मुद्गल पुराण की माने तो उनके वाहन ये बताए गए हैं... शेर, मोर, सांप और जैन पुस्तकों में इनका वाहन हाथी, भेंडा और कछुआ भी माना गया है.

3-पुराने जमाने में भारतीय कारोबारी सफर के दौरान अपने साथ भगवान गणेश की मूर्ति साथ ले जाया करते थे और इस तरह दूसरे देशों में भी बप्पा का आगमन हुआ. जापानी उन्हें कांगितेन के नाम से जानते हैं और इसके अलावा थाईलैंड, कंबोडिया, इंडोनेशिया, अफगानिस्तान, नेपाल और चीन में भी इन्हें अलग-अलग रूपों में पूजा जाता है.

4-उत्तर भारत में कहा जाता है कि महााभारत वेद व्यास ने प्रभु को सुनाई थी और उन्होंने पन्नों उसे उकेरा था. 

 

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