4 दिसंबर को है सूर्य ग्रहण, भूल से भी ना करें यह काम

सूर्य ग्रहण या किसी भी ग्रहण में सूतक काल के नियम सबसे अहम माने जाते हैं। वहीं ज्योतिष के अनुसार ग्रहण के 12 घंटे पूर्व ही सूतक काल लग जाता है। आपको हम यह भी बता दें कि इस बार साल का अंतिम सूर्य ग्रहण 4 दिसंबर की सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगा, और यह दोपहर 03 बजकर 07 मिनट पर समाप्त होगा। कहा जा रहा है सूर्य ग्रहण आंशिक या उपच्छाया ग्रहण होगा। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं सूतक काल के नियम और इसी के साथ सूर्य ग्रहण में ना किये जाने वाले काम।

सूतक के नियम : इस दिन पानी को छानकर और उसमें तुलसी पत्ता डालकर ही सेवन किया जाता है। कहा जाता है इस दिन गर्भवती महिलाओं को सावधान रहते हुए घर के बाहर नहीं निकलने दिया जाता है। इसी के साथ इस दिन सूर्य ग्रहण के बाद घर में सभी ओर जल से शुद्धिकरण किया जाता है। कहा जाता है ग्रहण के बाद ही भोजन बनाया और और खाया जाता है और भोजन में तुलसी का पत्ता जरूर मिलाते हैं। कहा जाता है इस दिन मंदिर में प्रतिमा का शुद्धिकरण भी किया जाता है। ग्रहण को खुली आंखों से नहीं देखा जाता है।

ये काम नहीं किए जाते हैं :
1. भोजन नहीं करते हैं।
2. मंदिर नहीं जाते हैं। पूजा और स्पर्श निशेध है।
3. खुली आंखों से ग्रहण नहीं देखते हैं।
4. गर्भववती महिलाएं बाहर नहीं जाती है।
5. जल को शुद्ध किए बगैर नहीं पीते हैं।
6. ग्रहण के दौरान सभी तरह के अग्निकर्म नहीं करते हैं, जैसे दाह संस्कार या यज्ञ कर्म।

इस दिन लगेगा साल का अंतिम सूर्य ग्रहण, जानिए कब और कहाँ होगा प्रभाव?

चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं भूल से भी ना करें यह काम

चंद्रग्रहण के दौरान भूल से भी ना करें यह काम वरना।।।

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