संयोग या प्रयोग ? अपने एक ट्वीट के लिए जमकर ट्रोल हुए अखिलेश यादव

लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ट्विटर पर ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल, शनिवार को वह कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार को घेर रहे थे, लेकिन इस चक्कर में वे खुद घिर गए। उन्होंने प्रयागराज के फाफामऊ में दलित के घर हुई चार हत्याओं का मुद्दा ट्विटर पर उठाया। हालांकि, उन्होंने अपने ट्विट में जिले का नाम प्रयागराज लिखने की जगह इलाहाबाद लिखा। इसी को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें ट्रोल करना आरंभ कर दिया।  

 

अखिलेश यादव ने लिखा कि, 'इलाहाबाद के फाफामऊ में दबंगों के द्वारा 4 दलितों की हत्या दलित विरोधी भाजपा सरकार पर एक और बदनुमा दाग है। घोर निंदनीय! उम्मीद है ये अपराधी बिना चश्मे के भी दिख जाएंगे।' अपने ट्वीट में प्रयागराज की बजाय इलाहाबाद लिखने पर यूजर्स ने अखिलेश यादव को जमकर घेरा। विक्रम तिवारी ने लिखा कि, 'भाई, इलाहाबाद नहीं , प्रयागराज कहो। और अपराधी सपा के ही होते हैं। गेस्ट हाउस कांड याद है? एक दलित महिला के कनपटी पर रिवाल्वर रखकर उसके चीर हरण दुशासन के चेलों ने किया था। जिसे एक भाजपा नेता ने बचाया था।' 

वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि, 'प्रयागराज बोलना सिख लो अखिलेशुदीन भैया..पुरानी रंजिश थी जिसने भी किया है उसे पुलिस ने पकड़ भी लिया और कुटाई भी हो रही।' रामचंद्र सिंह नामक यूजर ने लिखा कि, '#जय_प्रयागराज भाई तुम अभी इलाहाबादी हो। इलाहाबाद लिख कर क्या दर्शाना चाह रहे हो। अब इलाहाबाद नहीं प्रयागराज है । तुम पहले अपनी इतिहास मे सुधार कर लो और जनरल नालेज सूधारो, तुमने प्रयागराज को इलाहाबाद लिख कर प्रयागराज की जनता का घोर अपमान किये हो।' वहीं, इस मुद्दे पर सियासी जानकारों का कहना है कि, अखिलेश ने भूलवश इलाहबाद नहीं लिखा है, बल्कि उन्होंने एक वर्ग विशेष का वोट प्राप्त करने के लिए प्रयारगराज नाम का विरोध किया है। 

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