क्या ये शरीया कोर्ट है ? नूपुर शर्मा पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी से भड़के नेटिजन्स

नई दिल्ली: उदयपुर में मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने दूकान में घुसकर कन्हैयालाल को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। हत्या के पहले, हत्या के समय और हत्या के बाद वीडियो बनाकर दुनिया को बताया भी, कि वे लोग ये हत्या क्यों कर रहे हैं। इसके बाद भी देश की सबसे बड़ी अदालत ने इसके लिए भाजपा की निलंबित प्रवक्ता को जिम्मेदार ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्य कांत का कहना है कि यह उनकी ही लगाई आग है और इसके लिए उन्हें पूरी देश से माफी माँगनी चाहिए। 

सुप्रीम कोर्ट ने कन्हैयालाल की हत्या के लिए नूपुर शर्मा के उस बयान को जिम्मेदार माना है, जो उन्होंने शिवलिंग का अपमान न सह पाने के कारण कर दी थी। एक मानवीय सोच के हिसाब से यदि उदाहरण से समझा जाए, तो एक व्यक्ति को अपमान सहन नहीं हुआ, तो उसने पलटवार में अपमान किया, वहीं दूसरे व्यक्ति को अपमान सहन नहीं हुआ और उसने हत्या कर दी। अब देश की सबसे बड़ी अदालत को ये देखना था कि दोनों में से बड़ा दोषी कौन ? और अदालत की टिप्पणी सामने आ गई है। लेकिन नूपुर शर्मा को लगातार मिल रहीं हत्या और बलात्कार की धमकियों के बाद सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी से सोशल मीडिया यूज़र्स में ख़ासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। 

एक Twitter यूजर ने लिखा है कि, 'ये शरीया कोर्ट है क्या? नुपूर अपनी याचिकाओं को दिल्ली शिफ्ट कराने की माँग लेकर आई थी। अगर ऐसा नहीं करना तो साफ मना किया जाता। ये सब कहने की क्या आवश्यकता। बिन सुनवाई के उन्हें दोषी बनाया जा रहा है।' इसके साथ ही कुछ यूज़र्स ये भी पूछ रहे हैं कि, अगर कन्हैया लाल की मौत की जिम्मेदार नुपूर शर्मा हैं, तो कमलेश तिवारी और किशन भरवाड़ की हत्या का जिम्मेदार कौन है। यही नहीं, यूजर सुप्रीम कोर्ट के जज सूर्य कांत पर भी ऊँगली उठा रहे हैं। एक यूजर का कहना है कि, 'जजों ने नुपूर को दोषी ठहराया उनमें से एक जस्टिस पारदीवाल हैं, जो 1989 से 1990 में कांग्रेस MLA रह चुके हैं और दूसरे जस्टिस सूर्यकांत हैं, जिस पर भ्रष्टाचार के गंभीर इल्जाम लगे हैं, जिसके कारण जस्टिस एके गोयन ने उनकी नियुक्ति पर विरोध भी किया था।'

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